लोनावला-कर्जत भूस्खलन के कारण रेल यातायात प्रभावित, 17 जुलाई तक कई लंबी दूरी की ट्रेनें डायवर्ट
Lonavala-Karjat landslide affects rail traffic, many long-distance trains diverted till July 17
- प्रमुख कारण: लोनावला-कर्जत सेक्शन में भारी बारिश और भूस्खलन (landslides) के चलते ट्रैक प्रभावित।
- समय सीमा: 17 जुलाई 2026 तक ट्रेनों के मार्ग में बदलाव।
- यात्रियों के लिए सलाह: यात्रा से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति (Live status) की जांच करें और रेलवे हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
- रेलवे की कार्रवाई: सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों को इगतपुरी या अन्य सुरक्षित मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है।
मुंबई: मध्य रेलवे (Central Railway) ने लोनावला-कर्जत सेक्शन के बीच हुए हालिया भूस्खलन (landslides) को देखते हुए सुरक्षा कारणों से लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने की घटनाओं के चलते यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 17 जुलाई 2026 तक ट्रेनों को अन्य वैकल्पिक मार्गों से चलाने का निर्णय लिया गया है।
यातायात पर असर और बदलाव
मध्य रेलवे के अनुसार, भूस्खलन के कारण ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच का कार्य चल रहा है, जिसके चलते निम्नलिखित प्रभाव देखे जा रहे हैं:
- मार्ग परिवर्तन: मुंबई से पुणे और उसके आगे जाने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वाया कल्याण-इगतपुरी-दौंड या अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है।
- ट्रेनों की देरी: मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा में सामान्य से 2 से 4 घंटे अधिक समय लगने की संभावना है।
- समय सीमा: यह डायवर्जन कम से कम 17 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान रेलवे प्रशासन स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है।
रेलवे का यात्रियों से आग्रह
मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट (NTES ऐप) या निकटतम पूछताछ केंद्र पर अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन जरूर चेक कर लें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्थिति सामान्य होते ही ट्रेनों को उनके नियमित मार्ग पर बहाल कर दिया जाएगा।


