E20 पेट्रोल से माइलेज में 5% तक की कमी संभव: तेल मंत्रालय ने माना, लेकिन 'स्वच्छ ईंधन' और 'ऊर्जा सुरक्षा' को बताया प्राथमिकता
Up to 5% reduction in mileage possible with e20 petrol: Oil Ministry admits, but prioritizes 'clean fuel' and 'energy security'
- माइलेज पर प्रभाव: E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज में 3% से 5% तक की कमी आ सकती है।
- मुख्य लाभ: पर्यावरण प्रदूषण में कमी और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना।
- सरकारी रुख: तेल मंत्रालय के अनुसार, पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ माइलेज में होने वाली मामूली कमी से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के माइलेज (ईंधन दक्षता) में 3 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, मंत्रालय का मानना है कि इसके पर्यावरणीय लाभ और देश की ऊर्जा सुरक्षा के मुकाबले यह मामूली अंतर काफी छोटा है।
क्यों कम होता है माइलेज?
विशेषज्ञों के अनुसार, इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व (energy density) पेट्रोल की तुलना में कम होती है। यही कारण है कि जब पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है, तो वाहन को उतनी ही दूरी तय करने के लिए पहले के मुकाबले थोड़े अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है। इससे सामान्यतः माइलेज में 3% से 5% तक की कमी देखी जा सकती है।
सरकार ने क्यों चुना E20?
माइलेज में मामूली गिरावट के बावजूद, सरकार इसे एक बड़े सुधार के रूप में देख रही है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- स्वच्छ दहन (Cleaner Combustion): E20 ईंधन से वाहनों के इंजन में दहन प्रक्रिया अधिक स्वच्छ होती है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे हानिकारक उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है।
- ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): इथेनॉल को गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसके उपयोग से भारत की कच्चे तेल (crude oil) के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
- किसानों को लाभ: इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है और सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आने वाले नए वाहन E20 के अनुकूल (E20 compliant) बनाए जा रहे हैं, ताकि प्रदर्शन (performance) पर असर कम से कम हो। सरकार का जोर इस बात पर है कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए E20 एक अनिवार्य और प्रभावी कदम है।


