मुंबई एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा: एक ही रनवे पर आमने-सामने आए एयर इंडिया और एआई एक्सप्रेस के विमान, रनवे की कमियों पर फिर उठे सवाल
Major aviation mishap averted at Mumbai airport: Air India and Air India Express aircraft came face-to-face on the same runway; questions raised again about runway shortcomings.
- घटना का विवरण: 7 जुलाई 2026 की रात मुंबई एयरपोर्ट के रनवे 27 पर एयर इंडिया (AI 816) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (AIX 1547) के विमान एक ही समय पर सक्रिय थे। एटीसी की चेतावनी के बाद टेक-ऑफ रद्द किया गया।
- तकनीकी पहलू: हादसे में शामिल एयर इंडिया का विमान बोइंग 777-300ER (वाइड-बॉडी) था, जबकि एक्सप्रेस का विमान बोइंग 737 मैक्स 8 (नैरो-बॉडी) था। दोनों विमानों में सवार सैकड़ों यात्री सुरक्षित हैं।
- ढांचागत समस्या: मुंबई हवाई अड्डे पर दो क्रॉस-रनवे हैं, लेकिन वे एक-दूसरे को काटते हैं, इसलिए व्यावहारिक रूप से एक समय में केवल एक ही रनवे का उपयोग हो पाता है। मानसून के गीले मौसम और उड़ानों के भारी दबाव के कारण ऐसी घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
मुंबई: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मंगलवार (7 जुलाई 2026) की रात एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की मुस्तैदी से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आने से बच गए। इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान गीले रनवे, रात के अंधेरे और उड़ानों के बीच बेहद कम समय के अंतराल (tight intervals) के कारण मुंबई हवाई अड्डे के सिंगल-रनवे (मुख्य रूप से एक ही रनवे चालू रहने) परिचालन की गंभीर चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
यह घटना रात करीब 9:40 से 10:00 बजे के बीच रनवे 27 पर हुई। उस समय सिलीगुड़ी (बागडोगरा) से आया एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान (AIX 1547, बोइंग 737 मैक्स 8) लैंड करने के बाद रनवे से पूरी तरह बाहर नहीं निकला था। इसी दौरान दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान (AI 816, बोइंग 777-300ER) को टेक-ऑफ के लिए हरी झंडी मिल गई और उसने रनवे पर अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू कर दी।
एटीसी की सतर्कता से थमा बड़ा हादसा
रनवे पर दोनों विमानों को एक साथ देखकर एटीसी ने तुरंत आपातकालीन निर्देश जारी किए। एयर इंडिया के पायलटों को तुरंत टेक-ऑफ रोकने (Abort Take-off) का आदेश दिया गया। एटीसी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए क्रू ने विमान को सुरक्षित रोक लिया और उसे वापस पार्किंग बे में ले गए।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, एयर इंडिया का यह विमान एक 'वाइड-बॉडी' (बड़ा) बोइंग 777 विमान था, जिसे पूरी रफ्तार में रोकने के लिए पायलटों को अत्यधिक सूझबूझ का परिचय देना पड़ा। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा:
"7 जुलाई को मुंबई से दिल्ली जाने वाली उड़ान AI 816 के क्रू ने एटीसी से निर्देश मिलने के बाद टेक-ऑफ की प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया और विमान सुरक्षित रूप से बे पर लौट आया। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के तहत विमान की आवश्यक तकनीकी जांच की जा रही है और यात्रियों को दिल्ली भेजने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।"
तीन बड़े ट्रिगर: क्यों बार-बार बन रहे हैं ऐसे हालात?
इस ताजा 'नियर-मिस' (Near-Miss) घटना ने विमानन विशेषज्ञों को मुंबई एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे और परिचालन दबाव पर दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया है। विशेषज्ञों ने मुख्य रूप से तीन कारणों को रेखांकित किया है:
- गीला रनवे (Wet Tarmac): मुंबई में इन दिनों हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण रनवे लगातार गीला रहता है। ऐसे में लैंडिंग के बाद विमानों के टायर और रनवे के बीच घर्षण (friction) कम होने से उन्हें रनवे खाली करने (vacate करने) में सामान्य से अधिक समय लगता है।
- रात की विजिबिलिटी (Night Conditions): रात के समय और बारिश के धुंधलेपन के कारण कॉकपिट और एटीसी दोनों के लिए विजुअल कन्फर्मेशन चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जिससे पूरी तरह तकनीकी उपकरणों और रडार पर निर्भर रहना पड़ता है।
- टाइट शेड्यूलिंग (Tight Intervals): मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है। यहाँ एक ही रनवे पर हर कुछ सेकंड्स के अंतराल में उड़ानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की जिम्मेदारी होती है। यदि एक भी विमान रनवे खाली करने में जरा भी देरी करता है, तो पीछे या आगे वाली उड़ान के लिए जोखिम खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है।


