राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार, बजरंग बागरा बने नए महासचिव
Major decision by Ram Mandir Trust: Champat Rai's resignation accepted; Bajrang Bagra appointed new General Secretary.
- मुख्य निर्णय: चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। बजरंग बागरा को नया महासचिव नियुक्त किया गया।
- बैठक का विवरण: 6 जुलाई 2026 को राम मंदिर परिसर (अयोध्या) में आयोजित। अध्यक्षता- महंत नृत्य गोपाल दास, संयोजक- स्वामी गोविंद देव गिरी।
- बदलाव की वजह: मंदिर के दानपात्रों से कैश काउंटिंग के दौरान हुई लाखों रुपये की कथित चोरी और 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद खड़ा हुआ विवाद।
- भविष्य की योजना: दान प्रक्रिया को फूलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट के नियमों में सुधार और एक पेशेवर सीईओ (CEO) नियुक्त करने की तैयारी।
अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों से धन की कथित हेराफेरी और चोरी के मामले में मचे भारी घमासान के बीच 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को एक ऐतिहासिक और बेहद अहम फैसला लिया है। अयोध्या में संपन्न हुई ट्रस्ट की हाई-लेवल बैठक में निवर्तमान महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। उनकी जगह विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव बजरंग बागरा को ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही, ट्रस्ट ने विवादों में घिरे एक अन्य वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। 2020 में ट्रस्ट के गठन के बाद से इसे अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक और संगठनात्मक ओवरहॉलिंग (बदलाव) माना जा रहा है।
सुरक्षा कारणों से मंदिर परिसर में हुई बैठक
यह महत्वपूर्ण बैठक पहले 'मणि राम दास छावनी' में होने वाली थी, लेकिन सुरक्षा और भारी मीडिया उपस्थिति को देखते हुए इसे राम मंदिर परिसर के भीतर ही स्थानांतरित कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जबकि संचालन कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने किया। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय सोमवार को मंदिर परिसर में ही मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
चोरी के आरोपों के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई
गौरतलब है कि जून 2026 के आखिरी हफ्ते में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद अयोध्या पुलिस ने चंपत राय के ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ तिन्नू सहित 8 लोगों को दान की रकम चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस घटना से देश भर के राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची थी। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय ने 26 जून को ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि, जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा से पूछताछ जरूर की गई है, लेकिन एफआईआर (FIR) में उनका नाम नहीं है।
कौन हैं नए महासचिव बजरंग बागरा?
नए महासचिव चुने गए बजरंग बागरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ नेता हैं। उनके पास एक मजबूत प्रशासनिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि है। ट्रस्ट के सूत्रों का कहना है कि उनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य दान प्रबंधन और मंदिर प्रशासन में वित्तीय पारदर्शिता को पूरी तरह से बहाल करना है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन-ऑडिटेड वित्तीय ब्योरे की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से रोकने के लिए एक पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और नई वित्तीय गाइडलाइंस पर भी गंभीर मंथन हुआ है।


