मुंबई: बीएमसी जी-नॉर्थ वार्ड के फेरीवालों को मिला डिजिटल QR Code ID कार्ड, अब सम्मान से कर सकेंगे व्यवसाय
Mumbai: Hawkers in the BMC G-North Ward receive digital QR code ID cards; they can now conduct business with dignity.
मुंबई के माहिम और धारावी (BMC G-North वार्ड) के पात्र पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक राहत भरी खबर है। एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद, उन्हें डिजिटल QR Code आधारित आधिकारिक पहचान पत्र वितरित किए गए हैं। भाजपा पार्षद शीतल गंभीर और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ये कार्ड सौंपे गए, जिससे अब ये फेरीवाले बिना किसी उत्पीड़न के सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना व्यवसाय कर सकेंगे।
मुंबई: मुंबई के माहिम और धारावी इलाके में अपनी आजीविका चलाने वाले पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। एक लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा इन पात्र फेरीवालों के लिए विशेष डिजिटल QR Code आधारित आइडेंटिटी कार्ड जारी कर दिए गए हैं। यह कदम स्थानीय फेरीवालों को एक कानूनी, सुरक्षित और आधिकारिक पहचान देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन
इन डिजिटल पहचान पत्रों के आधिकारिक वितरण के लिए बीएमसी के जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा पार्षद शीतल गंभीर (Sheetal Gambhir) और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों और पार्षद के हाथों जब फेरीवालों को ये डिजिटल कार्ड सौंपे गए, तो वहां मौजूद सभी दुकानदारों और पथविक्रेताओं में एक अलग ही उत्साह और खुशी देखने को मिली।
चेहरे पर दिखी राहत और स्वाभिमान की लहर
सरकारी नियमों के तहत वैध और आधिकारिक पहचान मिलने के बाद डिजिटल कार्ड हाथों में थामे फेरीवालों के चेहरों पर सुकून, संतुष्टि और स्वाभिमान का भाव साफ नजर आ रहा था। इस कार्ड के मिलने के बाद अब ये सभी मेहनती पथविक्रेते अधिकृत पहचान के साथ, पूरे हक और आत्मविश्वास से अपना व्यवसाय कर सकेंगे।
बेवजह की परेशानियों और उत्पीड़न से मिलेगी मुक्ति
इस डिजिटल कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसमें दिया गया QR Code है। इस कोड की बदौलत अब कोई भी अधिकारी या व्यक्ति उनकी प्रामाणिकता और वैधता को आसानी से स्कैन करके देख सकेगा। इससे फेरीवालों को रोजाना धंधा चलाने के दौरान होने वाली बेवजह की दिक्कतों और मानसिक या प्रशासनिक परेशानियों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही उनका रोजगार पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक हो जाएगा।
प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे हर एक कष्टकरी पथविक्रेते के सम्मान, सुरक्षा और उनकी उपजीविका (Livelihood) के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कटिबद्ध हैं।


