वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर का असर: अगले हफ्ते भी सोने-चांदी की कीमतों पर रहेगा दबाव, विशेषज्ञों ने जताई संभावना
Impact of global tensions and a strong dollar: Gold and silver prices to remain under pressure next week, experts predict.
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण आगामी सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों के बीच निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
मुंबई/नई दिल्ली: यदि आप आने वाले सप्ताह में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कमोडिटी बाजार (Commodity Market) की हलचल पर नजर रखना बेहद जरूरी है। सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (US-Iran Tensions) और वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते आगामी सप्ताह में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और वैश्विक बाजार (COMEX) दोनों ही जगहों पर कीमती धातुओं के भाव एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर सकते हैं।
कीमतों पर दबाव के मुख्य कारण:
- अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया में बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण वैश्विक निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं। हालांकि, आम तौर पर संकट के समय सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है, लेकिन डॉलर की मजबूती इस बार सोने की बढ़त की राह में रोड़ा बन रही है।
- मजबूत अमेरिकी डॉलर (Strong US Dollar): अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में आई मजबूती के कारण अन्य विदेशी मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है।
- ब्याज दरों पर अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर आ रहे मिले-जुले संकेतों ने भी सर्राफा बाजार के निवेशकों को असमंजस में डाल रखा है।
विशेषज्ञों की राय: क्या करें निवेशक?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि लघु अवधि (Short Term) में सोने और चांदी के भाव में कोई बहुत बड़ी तेजी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। जब तक वैश्विक स्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जातीं, तब तक घरेलू बाजार में भी कीमतें एक निश्चित दायरे (Range-bound) में ही ट्रेड करेंगी।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे बाजार में किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव से बचने के लिए 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की रणनीति अपनाएं और गिरावट आने पर धीरे-धीरे (SIP मोड में) खरीदारी करें, क्योंकि दीर्घकालिक (Long Term) निवेश के लिहाज से सोना हमेशा एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प साबित होता है।


