मुंबई: खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, केस दर्ज
Mumbai: Fake officer posing as a senior police officer arrested, case registered
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी सरकारी पहचान पत्र और पुलिस लिखी हुई नेम प्लेट लगी कार का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था और बैंक से लोन मंजूर कराने के नाम पर अपने साथियों के साथ मिलकर पैसे ऐंठता था.
मुंबई: मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी सरकारी पहचान पत्र और पुलिस लिखी हुई नेम प्लेट लगी कार का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था और बैंक से लोन मंजूर कराने के नाम पर अपने साथियों के साथ मिलकर पैसे ऐंठता था.
पुलिस ने तीन संदिग्धों को नकली नेम प्लेट और दस्तावेज के साथ पकड़ा
अपराध शाखा को मिली शिकायत के आधार पर मानव एवं तकनीकी जांच की गई. जांच में पता चला कि आरोपी मुंबई के अंधेरी स्थित द लीला होटल आने वाला है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर तीन संदिग्धों को एमएच12 एक्सएच 9447 नंबर की पुलिस नेम प्लेट लगी ग्रे रंग की टाटा पंच कार सहित हिरासत में लिया. तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के फर्जी सरकारी पहचान पत्र और अन्य नकली दस्तावेज बरामद किए गए.
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी मोहम्मद गौश इब्राहिम खतीब, जो केवल 10वीं तक पढ़ा है और सांगली का रहने वाला है, उसे गिरफ्तार किया है. इसके अलावा कल्याण निवासी शाहिद कपाड़िया और सांगली निवासी मजहब खतीब को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
मुंबई अपराध शाखा ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला किया दर्ज
इस मामले में मुंबई अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 204, 205, 318(4), 319, 336(3), 337, 340 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. यह मामला आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है.
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें साल 2025 में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन , साल 2018 में साकीनाका और खेतवाड़ी पुलिस स्टेशन में अलग-अलग मामले दर्ज है. मुंबई पुलिस के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इस तरह कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.


