दि. बा. पाटील के नाम के लिए अड़े भूमिपुत्र: उपोषण के 5वें दिन बिगड़ी आंदोलनकारियों की तबीयत, पनवेल में 'रास्ता रोको' से बढ़ा तनाव
'Bhumiputras' Stand Firm on Demand to Name [Project] After D.B. Patil: Protesters' Health Deteriorates on Day 5 of Hunger Strike; Tension Mounts in Panvel Following 'Rasta Roko' Protest.
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय विमानतळाला (Navi Mumbai International Airport) लोकनेते दि. बा. पाटील यांचे नाव देण्याच्या मागणीसाठी सुरू असलेल्या आमरण उपोषणाचा आज 5वां दिवस है। भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ने से नवी मुंबई और पनवेल में तनाव बढ़ गया है। भूमिपुत्रों और प्रकल्पग्रस्तों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए पनवेल में 'रास्ता रोको' आंदोलन किया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो 6 जुलाई को मुंबई में होने वाला मोर्चा और उग्र रूप धारण करेगा।
नवी मुंबई/पनवेल: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) का नामकरण स्वर्गीय लोकनेते डी.बी. पाटील (D.B. Patil) के नाम पर करने की मांग को लेकर स्थानीय भूमिपुत्रों और प्रकल्पग्रस्तों (Project Affected People) का आंदोलन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। जारी आमरण उपोषण (भूख हड़ताल) के 5वें दिन कुछ मुख्य आंदोलनकारियों की तबीयत काफी बिगड़ गई है, जिसके चलते पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन द्वारा मांगों की अनदेखी किए जाने से नाराज गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पनवेल में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए 'रास्ता रोको' आंदोलन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
भूख हड़ताल से बिगड़ी सेहत, सरकार पर अनदेखी का आरोप
स्थानीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे इस 'मरणव्रत' (Fast Unto Death) में शामिल आंदोलनकारियों के शरीर में शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर लगातार गिर रहा है। मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप) के पूर्व विधायक बाळाराम पाटील ने आंदोलन स्थल का दौरा करने के बाद राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
"सरकार जानबूझकर भूमिपुत्रों की भावनाओं और उपोषणकर्ताओं की बिगड़ती सेहत की अनदेखी कर रही है। नवी मुंबई के निर्माण और किसानों को उनका हक (12.5% भूमि मुआवजा योजना) दिलाने में दि. बा. पाटील का योगदान अतुलनीय है। हवाई अड्डे को उनका नाम देना स्थानीय लोगों का न्यायसंगत अधिकार है।"
पनवेल में 'रास्ता रोको' और भारी पुलिस बंदोबस्त
आंदोलनकारियों की सेहत बिगड़ने की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रकल्पग्रस्त सड़कों पर उतर आए। पनवेल मार्ग पर किए गए चक्काजाम (Road Blockade) के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सिडको भवन (CIDCO Bhavan) और पनवेल के प्रमुख चौकों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
6 जुलाई के 'मुंबई मोर्चा' की तैयारी तेज
संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक यह भूख हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
आंदोलन को आगे बढ़ाने और अपनी ताकत दिखाने के लिए स्थानीय संगठनों ने आगामी 6 जुलाई को 'मुंबई मोर्चा' निकालने का ऐलान किया है। इस मोर्चे की अंतिम रणनीति तैयार करने के लिए जासई स्थित दि. बा. पाटील मंगल कार्यालय में प्रकल्पग्रस्तों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।


