मुंबई : उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला: राम मंदिर चंदे में हेराफेरी और ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर केंद्र पर निशाना
Mumbai: Uddhav Thackeray launches a major attack on the Centre over alleged misappropriation of funds for the Ram Temple and 'Operation Tiger'.
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धाराशिव में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “इन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, अब राम मंदिर में लूट हो रही है। उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि जिस संस्था और व्यवस्था पर लोगों ने भरोसा किया था, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत सबूत सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।
मुंबई : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धाराशिव में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “इन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, अब राम मंदिर में लूट हो रही है। उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि जिस संस्था और व्यवस्था पर लोगों ने भरोसा किया था, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत सबूत सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।
इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने और तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रयास केवल राजनीतिक नहीं बल्कि महाराष्ट्र की पहचान और मराठी अस्मिता को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में महाराष्ट्र से कई बड़े उद्योग अन्य राज्यों की ओर स्थानांतरित हुए हैं
और राज्य के औद्योगिक विकास पर असर पड़ा है। ठाकरे ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति और निवेश को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना को केवल संख्या के आधार पर नहीं आंका जा सकता, बल्कि उसकी विचारधारा और जनसमर्थन उसकी असली ताकत है।उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ गई है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।


