मुंबई :वेस्टर्न रेलवे का बड़ा बदलाव: ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन रोल आम लोगों के लिए खुला
Mumbai: Western Railway's big change: Automatic Ticket Vending Machine rolls open for public
वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी।
मुंबई : वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत अब आम नागरिक भी इस भूमिका के लिए आवेदन कर सकते हैं। वेस्टर्न रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी स्थानीय निवासी, जिसने कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो, इस पद के लिए पात्र होगा। इससे पहले तक यह सुविधा केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। लेकिन अब इसे व्यापक रूप देते हुए आम जनता को भी इस प्रणाली में शामिल किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग सिस्टम से जोड़ना और स्टेशनों पर भीड़ को कम करना है। ATVM फैसिलिटेटर यात्रियों को मशीनों के उपयोग में मदद करेंगे, खासकर उन लोगों को जिन्हें डिजिटल सिस्टम का कम अनुभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल टिकटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर कार्यक्षमता भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही यह डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा, क्योंकि इससे अधिक लोग स्वचालित टिकटिंग सिस्टम की ओर प्रेरित होंगे।
चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर जैसे व्यस्त सबअर्बन रूट पर इस व्यवस्था से यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। कुल मिलाकर, वेस्टर्न रेलवे का यह निर्णय पारंपरिक टिकटिंग व्यवस्था से डिजिटल और सहयोगी मॉडल की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को फायदा होगा।


