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Read More... मुंबई में खुलेगा यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का कैंपस, यूजीसी से मिली मंजूरी
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By Online Desk
यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने बताया कि उसे मुंबई में अपना इंटरनेशनल कैंपस शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय सितंबर में मुंबई कैंपस में छात्रों के पहले बैच का स्वागत कर सकेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की चांसलर डॉ. डायने स्मिथ-गैंडर एओ ने कहा, "यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया मुंबई का खुलना यूनिवर्सिटी और भारत के साथ हमारे रिश्तों के लिए एक अहम पड़ाव है। मुंबई : पश्चिम रेलवे ने स्टेशनों के 22 खाने-पीने की स्टॉल बंद, बांद्रा के 11 शामिल
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By Online Desk
महाराष्ट्र में खाने-पीने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एफडीए कमिश्नर आईएएस तुकराम मुंढे की कार्रवाई के बाद अब पश्चिम रेलवे भी सतर्क हो गया है। रेलवे के स्टेशनों पर खाने-पीने की दुकानों की जांच शुरू कर दी गई है। इसी कार्रवाई के तहत बांद्रा स्टेशन की 11 दुकानें बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा ग्रांट रोड की 4, लोअर परेल की 3, चरनी रोड की 2 और मरीन लाइंस की 2 दुकानों समेत कुछ अन्य स्टेशनों के स्टॉल भी बंद कर दिए गए है। जानकारी के अनुसार, अब दूसरे स्टेशनों के खाने-पीने के स्टॉल भी पश्चिम रेलवे के रडार पर हैं और उनकी जल्द जांच की जा सकती है। मुंबई :वेस्टर्न रेलवे का बड़ा बदलाव: ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन रोल आम लोगों के लिए खुला
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By Online Desk
वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। मुंबई: पश्चिम रेलवे के 80 फीसदी कोच में नहीं हैं सीसीटीवी, लोकल के डिब्बों में टॉकबैक तो लगे, ज्यादातर हैं खराब
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By Online Desk
लोकल ट्रेन में हुए मर्डर के बाद यात्री सुरक्षा का विषय एक बार फिर से गरमा गया है। करीब 30 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा आज एक बड़ा विषय बन चुका है। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा को समझने के लिए एनबीटी की प्रतिनिधि ने स्वयं महिलाओं के डिब्बे में यात्रा कर टॉक बैक सिस्टम का जायजा लिया। यह चेकिंग 5 ट्रेनों में की गई, जिनमे से 3 ट्रेनों में कोई रिप्लाई नहीं आया, 1 ट्रेन में रिप्लाई आया पर कुछ मदद नहीं मिली। वही 1 लोकल में रिप्लाई के साथ -साथ मदद भी मिली। इसी के साथ ही करीब 80% लोकल के डिब्बों में (जनरल और महिला) में सीसीटीवी भी नहीं लगे है। 
