'डॉक्टरों पर हिंसा मंजूर नहीं': ठाणे में चिकित्सक से मारपीट पर भड़का गुस्सा, MARD का राज्यव्यापी 'ब्लैक रिबन' विरोध का एलान
'Violence against doctors is unacceptable': Outrage erupts over the assault on a doctor in Thane; MARD announces a statewide 'black ribbon' protest.
- घटना का संदर्भ: ठाणे के एक अस्पताल में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर के साथ मरीजों के परिजनों/उपद्रवियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई।
- चिकित्सा संगठनों का रुख: यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने डॉक्टरों पर होने वाले हमलों को 'न्यू नॉर्मल' बनाने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया है।
- विरोध का स्वरूप: महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने अपनी मांगें पूरी होने तक पूरे राज्य में डॉक्टरों द्वारा 'ब्लैक रिबन' बांधकर काम करने का एलान किया है।
- प्रशासनिक मांग: अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और 'डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट' को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है ताकि स्वास्थ्य कर्मियों में सुरक्षा की भावना बहाल हो सके।
ठाणे/मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे में एक अस्पताल में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की गंभीर घटना के बाद चिकित्सा जगत में भारी आक्रोश फैल गया है। डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने कड़ा रुख अपनाया है। डॉक्टरों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाली इस घटना के विरोध में मार्ड (MARD) ने पूरे राज्य में 'ब्लैक रिबन' (काला फीता/काली पट्टी) विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है।
यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने इस बर्बरता की कड़ी निंदा करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि देश या राज्य में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ होने वाली हिंसा को किसी भी हाल में 'सामान्य' (Normal) नहीं माना जा सकता।
'काम के बदले मार' बर्दाश्त नहीं: UDF
ठाणे की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए यूडीएफ के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टर चौबीसों घंटे तनावपूर्ण माहौल में मरीजों की जान बचाने के लिए काम करते हैं। इसके बावजूद आए दिन तीमारदारों या उपद्रवियों द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती है। फ्रंट ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और डॉक्टरों को कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल प्रदान करना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।
मार्ड (MARD) का राज्यव्यापी आंदोलन
रेसिडेंट डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन 'मार्ड' ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए राज्य के सभी सरकारी और नगर निगम (BMC व अन्य) अस्पतालों के डॉक्टरों से अपनी ड्यूटी के दौरान काली पट्टी (Black Ribbon) बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
मार्ड की मुख्य मांगें: "हम मरीजों की सेवा प्रभावित किए बिना अपना शांतिपूर्ण विरोध शुरू कर रहे हैं। हमारी मांग है कि ठाणे अस्पताल के हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर 'डॉक्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट' (Medical Professionals Protection Act) के तहत गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो। साथ ही राज्य के सभी संवेदनशील सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए।"
इस घटना ने एक बार फिर महाराष्ट्र के अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा ऑडिट और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की कमियों को उजागर कर दिया है, जिसे लेकर रेसिडेंट डॉक्टर्स लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।


