दिल्ली दौरे से केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज: एकनाथ शिंदे की अमित शाह से अहम मुलाकात की संभावना
Delhi visit intensifies discussion on Union Cabinet expansion: Eknath Shinde likely to have crucial meeting with Amit Shah
- उद्देश्य: केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पार्टी के लिए भागीदारी सुनिश्चित करना।
- प्रमुख राजनीतिक स्थिति: शिवसेना (शिंदे गुट) के पास अब 13 सांसद हैं, जो उन्हें एनडीए का तीसरा सबसे बड़ा दल बनाता है।
- संभावनाएं: 17 जुलाई के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत, शिवसेना से कम से कम दो पदों (एक कैबिनेट, एक राज्यमंत्री) की उम्मीद।
- मुख्य बैठक: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे।
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे ने राष्ट्रीय राजधानी की सियासी हलचल बढ़ा दी है। 14 जुलाई 2026 को हो रहे इस अचानक दिल्ली दौरे को केंद्र सरकार के बहुप्रतीक्षित 'केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार' से जोड़कर देखा जा रहा है।
दौरे के मुख्य बिंदु:
- अमित शाह के साथ बैठक: सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे आज (14 जुलाई) शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है।
- मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी 17 जुलाई तक केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। शिवसेना (शिंदे गुट) की बढ़ती संख्या बल को देखते हुए पार्टी को केंद्र में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।
- शिवसेना की दावेदारी: हाल ही में ठाकरे गुट से आए 6 सांसदों के शामिल होने के बाद, एनडीए में शिंदे सेना के पास अब कुल 13 सांसद हैं, जिससे वह एनडीए का तीसरा सबसे बड़ा घटक बन गई है। पार्टी की ओर से एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश की जा रही है।
- संभावित नाम: मंत्री पद की दौड़ में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निंबाळकर के नामों की जोरदार चर्चा है।
दिल्ली रवाना होने से पहले की हलचल:
दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले, एकनाथ शिंदे ने मुंबई में अपनी पार्टी के सभी कैबिनेट मंत्रियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी। इसमें आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और पक्ष संगठन को मजबूत करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
यह दौरा 'ऑपरेशन टायगर' के बाद शिंदे की पहली दिल्ली यात्रा है, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना की पकड़ को और अधिक मजबूती दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मुलाकात के बाद केंद्र में शिवसेना के नए चेहरों को जगह मिलेगी।


