मुंबई में कमजोर पड़ा मानसून, पूरे सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना नहीं, जानें मौसम का पूरा हाल-चाल
Monsoon weakens in Mumbai, no good rain expected for the entire week; know the full weather forecast.
जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। इस दौरान शहर में 1,140.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जुलाई के सामान्य मासिक औसत 919.9 मिमी से भी काफी अधिक है। लेकिन इस भारी बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव आया है। पिछले चार दिनों से मुंबई में लगभग बारिश नहीं हुई है और मानसून की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ गई हैं। मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि अगले 10 दिनों या उससे भी अधिक समय तक मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना बहुत कम है।
मुंबई : जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। इस दौरान शहर में 1,140.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जुलाई के सामान्य मासिक औसत 919.9 मिमी से भी काफी अधिक है। लेकिन इस भारी बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव आया है। पिछले चार दिनों से मुंबई में लगभग बारिश नहीं हुई है और मानसून की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ गई हैं। मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि अगले 10 दिनों या उससे भी अधिक समय तक मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना बहुत कम है।
कमजोर ऑफ-शोर ट्रफ और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने से बारिश पर असर
मुंबई में मानसून की बारिश मुख्य रूप से दो मौसम प्रणालियों पर निर्भर करती है। पहली, पश्चिमी घाट के समानांतर बनने वाली ऑफ-शोर उत्तर-दक्षिण ट्रफ, और दूसरी, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मानसूनी सिस्टम। फिलहाल दोनों ही प्रणालियां लगभग निष्क्रिय हैं। इसके अलावा अरब सागर से आने वाली पश्चिमी मानसूनी हवाएं, जो कोंकण तट पर नमी पहुंचाती हैं, वे भी काफी कमजोर बनी हुई हैं। निकट भविष्य में इनके मजबूत होने के संकेत भी नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में फिलहाल अच्छी बारिश के अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन रही हैं।
गर्मी और उमस बनी रहेगी, लेकिन समुद्री हवाएं देंगी कुछ राहत
अगले कुछ दिनों तक मुंबई में मौसम गर्म और उमसभरा बना रहेगा, हालांकि किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है। दिन के समय समुद्र से चलने वाली तेज हवाएं (सी ब्रीज़) लोगों को कुछ राहत जरूर देंगी। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई में बारिश तभी दोबारा तेज होगी जब बंगाल की खाड़ी में कोई नया मानसूनी सिस्टम विकसित होगा। फिलहाल इसके संकेत अगले सप्ताह के मध्य से पहले नहीं दिखाई दे रहे हैं। मुंबई में मानसून के दौरान इतना लंबा सूखा दौर असामान्य माना जाता है। यदि यह स्थिति बनी रही तो जलाशयों में पानी के पुनर्भरण (रीचार्ज) पर भी असर पड़ सकता है, जैसा जून 2026 के अंतिम दिनों में देखा गया था।


