मुंबई में मैनहोल हादसों पर लगेगी लगाम, बीएमसी ने उठाया अब ये बड़ा कदम
Manhole accidents in Mumbai to be curbed, BMC takes this major step
मैनहोल से जुड़े कार्यों के दौरान अक्सर होने वाले हादसों को रोकने और आम नागरिकों व सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक बड़ी पहल की है. बीएमसी शहर में 'मैनहोल रेलगार्ड'तैनात करने जा रही है. मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बीएमसी मुख्यालय में इस 'मैनहोल रेलगार्ड' के प्रोटोटाइप का बारीकी से निरीक्षण किया.
मुंबई : मैनहोल से जुड़े कार्यों के दौरान अक्सर होने वाले हादसों को रोकने और आम नागरिकों व सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक बड़ी पहल की है. बीएमसी शहर में 'मैनहोल रेलगार्ड'तैनात करने जा रही है. मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बीएमसी मुख्यालय में इस 'मैनहोल रेलगार्ड' के प्रोटोटाइप का बारीकी से निरीक्षण किया.
रात में दूर से ही दिखेगा मैनहोल, अधिकारियों ने दिए ये सुझाव
निरीक्षण के दौरान महापौर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने रेलगार्ड के डिजाइन और उपयोगिता की विस्तृत जानकारी ली. इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए:
मैनहोल के आकार के अनुसार रेलगार्ड को छोटा-बड़ा किया जा सके, ताकि इसे आसानी से फिट किया जा सके. रात के समय हादसों को रोकने और इसकी दृश्यता बढ़ाने के लिए इसमें रिफ्लेक्टर या फ्लैशिंग लाइट लगाई जाए.
क्या हैं इस 'मैनहोल रेलगार्ड' की विशेषताएं?
नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस चौकोर आकार के 'मैनहोल रेलगार्ड' को काफी मजबूत और उपयोग में आसान बनाया गया है. इसकी ऊंचाई 1 मीटर, लंबाई 1.5 मीटर और चौड़ाई 1.5 मीटर रखी गई है. जरूरत के अनुसार इसे दो अलग-अलग मॉडलों में तैयार किया गया है, जिनका वजन 225 किलोग्राम और 80 किलोग्राम है.
'एल वार्ड' से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
बीएमसी जल्द ही इस रेलगार्ड का एक पायलट प्रोजेक्ट मुंबई के 'एल वार्ड' में शुरू करने जा रही है. इस परियोजना के दौरान इसके उपयोग, तकनीकी जरूरतों और कर्मचारियों व आम नागरिकों से मिलने वाले सुझावों का मूल्यांकन किया जाएगा.
बीएमसी प्रशासन का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट से मिले अनुभवों के आधार पर रेलगार्ड के डिजाइन में जरूरी बदलाव किए जाएंगे. यह प्रयोग सफल रहने पर इस सुरक्षा प्रणाली को मुंबई के अन्य सभी प्रशासनिक वार्डों में भी सख्ती से लागू किया जाएगा.


