पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान दुखद हादसा: दम घुटने से एक भक्त की मौत, 52 अन्य को बचाया गया
Tragic accident during Puri Jagannath Rath Yatra: One devotee dies of suffocation, 52 others rescued
- घटना: पुरी रथ यात्रा के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति और दम घुटने से हादसा।
- हताहत: एक व्यक्ति की मृत्यु, 52 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
- सुझाव: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत करने की योजना।
पुरी: ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। भारी भीड़ के बीच दम घुटने से एक श्रद्धालु की दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रशासन और स्वयंसेवकों ने 52 अन्य भक्तों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
घटना का विवरण:
- भीड़ का अत्यधिक दबाव: रथ यात्रा में उमड़ी लाखों लोगों की भीड़ के कारण संकरी गलियों में दबाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान, 'बाड़ा दांडा' (Grand Road) क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ और उमस के कारण कुछ श्रद्धालु फंस गए।
- बचाव अभियान: जैसे ही स्थिति बिगड़ने की सूचना मिली, पुलिस और बचाव दल सक्रिय हो गए। फंसे हुए 52 श्रद्धालुओं को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
- दुर्भाग्यपूर्ण निधन: दम घुटने से एक भक्त की स्थिति गंभीर हो गई थी, जिसे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में या इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
पुरी जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान इतनी बड़ी संख्या में भक्तों का आना एक चुनौती होती है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, फिर भी अत्यधिक भीड़ के दबाव के कारण यह हादसा हुआ।
श्रद्धालुओं के लिए निर्देश:
प्रशासन ने भीड़ वाले आयोजनों में शामिल होने वाले भक्तों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी और उमस के मौसम में अधिक भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, किसी भी प्रकार की बेचैनी महसूस होने पर तुरंत वहां तैनात पुलिसकर्मियों या स्वयंसेवकों की मदद लेने का आग्रह किया गया है।


