मुंबई : जान की कीमत 7 लाख... मैंने रिपोर्ट फाड़ दी: पेड़ गिरने से बच्चे की मौत पर बोलीं मुंबई की मेयर
Mumbai: Life is worth 7 lakhs... I tore up the report: Mumbai Mayor on child's death due to falling tree
मुंबई में पेड़ गिरने से 11 साल के लड़के की मौत के मामले में आई रिपोर्ट को खारिज करते हुए, मेयर रितु तावड़े ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों से इस घटना की दोबारा जांच करने को कहा है. तावड़े ने कहा कि उन्होंने उस रिपोर्ट को "फाड़ दिया". उन्होंने कहा, "कल हमने कॉर्पोरेशन में सर्वसम्मति से प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. हमने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी है और प्रशासन से दोबारा जांच करने और जांच पैनल में दो कॉर्पोरेटर को शामिल करने के लिए कहा है."
मुंबई : मुंबई में पेड़ गिरने से 11 साल के लड़के की मौत के मामले में आई रिपोर्ट को खारिज करते हुए, मेयर रितु तावड़े ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों से इस घटना की दोबारा जांच करने को कहा है. तावड़े ने कहा कि उन्होंने उस रिपोर्ट को "फाड़ दिया". उन्होंने कहा, "कल हमने कॉर्पोरेशन में सर्वसम्मति से प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. हमने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी है और प्रशासन से दोबारा जांच करने और जांच पैनल में दो कॉर्पोरेटर को शामिल करने के लिए कहा है."
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया और अपने अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी. 30 जून को चेंबूर में स्कूल बस पर एक बड़ा पेड़ गिरने से विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी.
जान की कीमत 7 लाख रुपये लगा दी, ये स्वीकार्य नहीं: मुंबई मेयर
मेयर ने इस बात पर जोर दिया कि वह भी एक मां हैं और परिवार का दर्द समझती हैं. तावड़े ने कहा, "मैं भी एक मां हूं. उनका बच्चा चला गया. उनका घर उजड़ गया है और यह रिपोर्ट पीड़ित परिवार के लिए 7 लाख रुपये का मुआवजा तय करती है, जिसका मैं कड़ा विरोध करती हूं. मैंने मॉनसून से पहले खुद उस सड़क का दौरा किया था और साइट इंजीनियर को कमजोर पेड़ों के बारे में चेतावनी दी थी. हमने एक कीमती जान गंवा दी, और उन्होंने उसके लिए 7 लाख रुपये की कीमत तय कर दी. यह स्वीकार्य नहीं है."
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सड़क का काम करने वाले ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और सुपरवाइजिंग कंसल्टेंट पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई. रिपोर्ट में सड़क और उद्यान विभाग की ओर से कोई लापरवाही नहीं पाई गई.
इंटरव्यू में विहान के पिता ने आरोप लगाया था कि लापरवाही के मामले को प्राकृतिक आपदा का रूप दे दिया गया. उन्होंने कहा, "यह साबित होना चाहिए कि यह इंसानी लापरवाही थी और इस काम से जुड़े सभी लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए. मुझे लगता है कि इससे न्याय मिलेगा. साथ ही, कुछ नियम बनने चाहिए या प्रक्रियाओं में सुधार होना चाहिए ताकि अगले मॉनसून में किसी और के साथ ऐसा न हो."
इधर शिवसेना (यूबीटी) की नेता और नगर निकाय में विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर ने विहान के परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.


