मुंबई: वोटर लिस्ट रिविजन में लापरवाही का आरोप, भिवंडी के बीएलओ पर हो सकती है आपराधिक कार्रवाई
Mumbai: Bhiwandi BLO may face criminal action for negligence in voter list revision
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान के दौरान काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भिवंडी के एक बूथ लेवल ऑफिसर पर आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चुनाव विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुंबई : महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान के दौरान काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भिवंडी के एक बूथ लेवल ऑफिसर पर आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चुनाव विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला भिवंडी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे बीएलओ पर आरोप है कि उन्होंने अपने निर्धारित कार्यों को सही तरीके से पूरा नहीं किया। चुनाव विभाग का कहना है कि मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, भिवंडी निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वार्ड कमिटी नंबर-2 से जुड़े क्लर्क अनंत शिवराम गारे को एसआईआर अभियान के तहत भिवंडी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्त किया गया था। बीएलओ की जिम्मेदारी मतदाताओं से संबंधित जानकारी का सत्यापन करना, योग्य मतदाताओं तक आवेदन फॉर्म पहुंचाना और प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराना होती है। अधिकारियों के मुताबिक, रिविजन प्रक्रिया के दौरान शिकायतें मिलीं कि अनंत शिवराम गारे अपने क्षेत्र के पात्र मतदाताओं को निर्धारित आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने में विफल रहे। चुनाव कार्यक्रम के तहत बीएलओ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेजों तथा जानकारी के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट करने में सहयोग करें।
चुनाव विभाग ने शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कराई। जांच के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि संबंधित अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारियों का अपेक्षित तरीके से निर्वहन नहीं किया। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होता है। इसमें नए मतदाताओं को जोड़ना, गलत या अपात्र नामों को हटाना और मतदाता विवरण में सुधार करना शामिल होता है। इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि वे सीधे मतदाताओं से संपर्क करते हैं और जमीनी स्तर पर सत्यापन का काम करते हैं।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी इस प्रक्रिया में लापरवाही करता है तो उसका असर चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
चुनाव विभाग का यह कदम उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है, जो चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में तैनात हैं। विभाग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। भिवंडी क्षेत्र में एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है। विभाग की टीमें इस बात की निगरानी कर रही हैं कि सभी बीएलओ अपने दायित्वों को समय पर और सही तरीके से पूरा करें। इस मामले के सामने आने के बाद चुनावी कार्यों में तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया निष्पक्ष और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो। फिलहाल अनंत शिवराम गारे के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तय की जाएगी। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


