सोनम वांगचुक ने 23 दिन की भूख हड़ताल खत्म की; CJP डेलीगेशन ने जेपी नड्डा से मुलाकात की
Sonam Wangchuk ends 23-day hunger strike; CJP delegation meets JP Nadda
सोनम वांगचुक ने स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ CJP प्रतिनिधिमंडल की वार्ता के बाद अपना 23 दिनों का लंबा अनशन समाप्त कर दिया है। यह अनशन NEET परीक्षा विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, जिससे आंदोलन के अगले चरणों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
नई दिल्ली: पिछले 23 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करते हुए, प्रसिद्ध पर्यावरणविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपना उपवास तोड़ दिया है। यह घोषणा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई सफल वार्ता के बाद की गई।
अनशन की समाप्ति और वार्ता
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। गिरते स्वास्थ्य के कारण उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में ही CJP प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात हुई। वार्ता के सकारात्मक रुख के बाद, वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
प्रमुख मांगें और आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। CJP की ओर से मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई थीं:
- NEET-UG पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- प्रभावित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
संसद मार्च और आंदोलन का भविष्य
संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ हुई झड़प और लाठीचार्ज के बावजूद, CJP समर्थकों ने अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है। हालांकि, वांगचुक के अनशन समाप्त करने से आंदोलन में एक नया मोड़ आया है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा है कि जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन विभिन्न तरीकों से जारी रहेगा।


