मुंबई में ऑनलाइन लोन ऐप गैंग पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा: बैंक कर्मचारी और परिवार को धमकाने वाले 6 रिकवरी एजेंट गिरफ्तार
Mumbai Crime Branch Arrests 6 Online Loan App Recovery Agents For Allegedly Threatening Bank Employee And Family
मुंबई क्राइम ब्रांच ने बैंक कर्मचारी और उसके परिवार को धमकाने के आरोप में 6 ऑनलाइन लोन ऐप रिकवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन लोन ऐप से जुड़े कथित उत्पीड़न और धमकी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 रिकवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने एक बैंक कर्मचारी और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और धमकियां दीं। अदालत ने सभी आरोपियों को 30 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित बैंक कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन लोन ऐप से जुड़े रिकवरी एजेंट लगातार फोन कॉल, मैसेज और अन्य माध्यमों से उसे और उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। आरोपियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और सामाजिक बदनामी की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किन-किन ऑनलाइन लोन ऐप कंपनियों से जुड़े थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, कई ऑनलाइन लोन ऐप्स पर अवैध तरीके से रिकवरी करने, लोगों के कॉन्टैक्ट्स एक्सेस करने और डराने-धमकाने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। साइबर और आर्थिक अपराध शाखाएं इस तरह के मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई फर्जी और अनियमित लोन ऐप्स लोगों को आसान कर्ज का लालच देकर बाद में भारी ब्याज और अवैध रिकवरी तरीकों से परेशान करते हैं। नागरिकों को किसी भी ऐप से लोन लेने से पहले उसकी वैधता जांचने की सलाह दी जाती है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा है ताकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की जांच कर सकें। पुलिस मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है।
मुंबई और देश के अन्य शहरों में ऑनलाइन लोन ऐप्स से जुड़े उत्पीड़न के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कई मामलों में मानसिक दबाव और धमकियों के कारण गंभीर घटनाएं भी हुई हैं।
फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।


