उल्हासनगर में शिंदे गुट को बड़ा झटका, जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर नगरसेवक अयोग्य घोषित
Major Setback For Shiv Sena (Shinde Faction) In Ulhasnagar As Corporator Vicky Labana Is Disqualified Over Invalid OBC Caste Certificate
उल्हासनगर में शिंदे गुट के नगरसेवक विकी लबाना का OBC जाति प्रमाणपत्र अमान्य पाए जाने पर नगरसेवक पद रद्द।
उल्हासनगर की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक विकी दर्शन सिंह लबाना को उनके जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किए जाने के बाद पद से अयोग्य ठहरा दिया गया है। यह फैसला नाशिक जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।
उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव में वार्ड 6-A से Other Backward Classes (OBC) आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने खुद को ‘बंजारा’ समुदाय से संबंधित बताते हुए जाति प्रमाणपत्र जमा किया था। बाद में प्रमाणपत्र की जांच के दौरान समिति ने इसे अमान्य घोषित कर दिया।
उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 10(1-A) के तहत 22 मई को नगरसेवक पद रद्द करने का आदेश जारी किया, जो 23 मई से प्रभावी हो गया।
इस फैसले को शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। हाल ही में उल्हासनगर महानगरपालिका में सत्ता संतुलन को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच राजनीतिक संघर्ष तेज रहा था। कुछ महीने पहले ही शिंदे गुट ने बहुमत का आंकड़ा पार कर निगम में अपनी स्थिति मजबूत की थी।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब संबंधित वार्ड में दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर शिंदे गुट पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
महाराष्ट्र में आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के जाति प्रमाणपत्रों की जांच को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं। नियमों के मुताबिक, यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का जाति प्रमाणपत्र अमान्य पाया जाता है तो उसका चुनाव स्वतः रद्द किया जा सकता है।
फिलहाल विकी लबाना या शिंदे गुट की ओर से इस फैसले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आगे अदालत तक भी पहुंच सकता है।


