ठाणे क्लस्टर पुनर्विकास को मिलेगी रफ्तार, एकनाथ शिंदे ने प्रमुख परियोजनाएं MSRDC को सौंपने के निर्देश दिए
Thane Cluster Redevelopment to gain momentum, Eknath Shinde directs handing over key projects to MSRDC
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना को तेज करने के लिए कोपरी, किसन नगर और वागले एस्टेट की प्रमुख योजनाओं को MSRDC को सौंपने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य जर्जर इमारतों में रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है। #Thane #EknathShinde #MSRDC #Redevelopment #MaharashtraNews #BreakingNews
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने ठाणे के बहुप्रतीक्षित क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कोपरी, किसन नगर और वागले एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में शिंदे ने कहा कि वर्षों से जर्जर और खतरनाक इमारतों में रह रहे नागरिकों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के अनुभव के कारण MSRDC इस महत्वाकांक्षी योजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महाप्रीत (MahaPreit) से MSRDC को परियोजनाओं के हस्तांतरण से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। सरकार ठाणे के क्लस्टर पुनर्विकास प्रोजेक्ट को "महत्वपूर्ण सार्वजनिक आवास परियोजना" का दर्जा देने पर भी विचार कर रही है, जिससे मंजूरी प्रक्रिया और तेज हो सके।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना के लिए आवश्यक MIDC भूमि के हस्तांतरण, पुनर्वास और अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में भी प्रगति हुई है। उपमुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक अनुमोदन और त्रिपक्षीय समझौते की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
शिंदे ने कहा कि ठाणे क्लस्टर पुनर्विकास देश की सबसे बड़ी और अनोखी पुनर्विकास योजनाओं में से एक है। इसके पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को सुरक्षित आवास, बेहतर सड़कें, आधुनिक सुविधाएं और उन्नत शहरी ढांचा उपलब्ध होगा।
सरकार भविष्य में ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और वसई-विरार के MIDC क्षेत्रों में भी क्लस्टर पुनर्विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। प्रशासन का मानना है कि इससे पुराने और असुरक्षित भवनों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिलेगी और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।


