मुंबई में महिला ने घर में दिया प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म, टाइम पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस; बेडशीट में लिटाकर पहुंचाया अस्पताल
A Mumbai woman gave birth to a premature baby at home, but an ambulance failed to arrive on time; the baby was taken to the hospital wrapped in a bedsheet.
कुर्ला में एक महिला ने घर पर प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद ब्लडिंग शुरू होने पर उन्हें 108 एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई, जबकि पास के एक सरकारी मैटकनिटी होम ने उन्हें महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। समय पर मदद न मिलने के कारण, पड़ोसियों ने बेडशीट की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शहर में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के रिस्पॉन्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई: कुर्ला में एक महिला ने घर पर प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद ब्लडिंग शुरू होने पर उन्हें 108 एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई, जबकि पास के एक सरकारी मैटकनिटी होम ने उन्हें महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। समय पर मदद न मिलने के कारण, पड़ोसियों ने बेडशीट की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शहर में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के रिस्पॉन्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार के अनुसार, अंजलि पवार को अचानक लेबर पेन शुरू हुआ और उन्होंने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद उन्हें तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत थी और ब्लीडिंग भी हो रही थी। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस से सर्विस से संपर्क किया। हालांकि, पड़ोसी और पवार के खुद को भाई बताने वाले मयंक सोलंकी मे आरोप लगाया कि काफी देर इंजजार करने के बावजूद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
परिवार ने तुरंत मेडिकल मदद मांगी
हालात गंभीर होते देख, सोलंकी ने महिला के घर से करीब दो मिनट की दूरी पर स्थित सरकारी डॉ. आनंदी बाई जोशी मैटरनिटी होम से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से घर आकर महिला की ब्लीडिंग रोकने के लिए तुरंत मदद करने का अनुरोध किया।
सोलंकी के अनुसार, डॉक्टर ने उनसे कहा कि मेडिकल स्टाफ को अस्पताल परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं है और परिवार को महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। एम्बुलेंस के अभी भी न आने पर, परिवार ने मदद के लिए पास की पुलिस चौकी से संपर्क किया। सोलंकी का दावा है कि उन्हें वहां भी तुरंत मदद नहीं मिली।
बेडशीट की मदद से महिला को पहुंचाया अस्पताल
कोई और विकल्प न होने पर, परिवार ने पड़ोसियों की मदद से बेडशीट को स्ट्रेचर की तरह इस्तेमाल किया और पवार को अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने इमरजेंसी मेडिकल सर्विस की उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़े गंभीर मामलों में। परिवार ने देरी की जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की हेल्थ कमिटी के चेयरमैन हरीश भंडिरगे ने कहा कि वे इस घटना की जानकारी लेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे। परिवार के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। 108 एम्बुलेंस सर्विस और पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से जवाब मांगने के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।


