Assam
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Read More... मुंबई: जब असम की कीचड़ से सनी सड़कों पर बिस्तर उठाकर चले मुंबई के ये सोशल वर्कर, बाढ़ पीड़ितों ने पैर छूकर लगाया गले
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असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके. नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में असम सीएम हिमंत सरमा के खिलाफ एक और याचिका सूचीबद्ध, नफरती भाषण देने का आरोप
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सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एक और याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। चार लोगों ने यह याचिका दायर की है। याचिका में मुख्यमंत्री पर एक समुदाय के लोगों के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगाया है। मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग याचिका पर सुनवाई करने की बात कही थी। यह याचिका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा ने दायर की थी। इसमें एक वायरल वीडियो का जिक्र है। वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री को एक समुदाय की ओर राइफल से निशाना लगाते और गोली चलाते दिखाया गया है। असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में अहम कदम
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असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच विवादित सीमा क्षेत्रों में से एक में आज पहला सीमा स्तंभ खड़ा किया गया। देश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की। सीमा स्तंभ को स्पष्टता और शांति का स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने उम्मीद जताई कि सीमा स्तंभ आखिरकार एक बार ग्रे क्षेत्रों में सरकार के शासन का एक नया रूप लाएगा। बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए देश की नागरिकता चाहिए तो इन बातों को मानना होगा- असम CM सरमा
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सीएम ने अपने बयान में कहा कि अगर बांग्ला-भाषी मुसलमानों को राज्य का मूल निवासी बनना है तो उन्हें बाल-विवाह और बहुविवाह जैसी प्रथाओं को छोड़ना होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो ही राज्य के मूल निवासी ‘खिलोंजिया’ माने जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को बच्चों को मदरसों की जगह स्कूल भेजना होगा ताकि वे डॉक्टर-इंजीनियर बनें। 
