ठाणे: लंबित मामलों के समाधान के लिए 12 सितंबर को लोक अदालत
Thane: Lok Adalat on September 12 to resolve pending cases
ठाणे जिला एवं सत्र न्यायालय में आगामी 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। ठाणे जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव रवीन्द्र पाजणकर ने आज बताया कि इस लोक अदालत में मनी ऑर्डर डिसऑनर केस ,बैंक लोन रिकवरी प्रकरण,श्रमिक विवाद ,टैक्स वसूली मामले बिजली और पानी सम्बंधी भुगतान बिल और आपसी समझौते वाले विवाह के मामले अन्य सिविल विवाद ,न्यायालय में लंबित मामले,अपराधिक मामले जो सहमति से हल किए जा सकते हैं,मोटर दुर्घटना कंपनसेशन , विवाह विवाद,लैंड एक्विजिशन केस, इलेक्ट्रिसिटी और वायर बिल,सर्विस सेलरी,अलाउंस और रिटायरमेंट बेनिफिट केस,राजस्व प्रकरण, ऑक्युपेंसी राइट , इंजक्शन क्लेम,आदि के मामले इस लोक अदालत में रखे जा सकते हैं।
ठाणे: ठाणे जिला एवं सत्र न्यायालय में आगामी 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। ठाणे जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव रवीन्द्र पाजणकर ने आज बताया कि इस लोक अदालत में मनी ऑर्डर डिसऑनर केस ,बैंक लोन रिकवरी प्रकरण,श्रमिक विवाद ,टैक्स वसूली मामले बिजली और पानी सम्बंधी भुगतान बिल और आपसी समझौते वाले विवाह के मामले अन्य सिविल विवाद ,न्यायालय में लंबित मामले,अपराधिक मामले जो सहमति से हल किए जा सकते हैं,मोटर दुर्घटना कंपनसेशन , विवाह विवाद,लैंड एक्विजिशन केस, इलेक्ट्रिसिटी और वायर बिल,सर्विस सेलरी,अलाउंस और रिटायरमेंट बेनिफिट केस,राजस्व प्रकरण, ऑक्युपेंसी राइट , इंजक्शन क्लेम,आदि के मामले इस लोक अदालत में रखे जा सकते हैं।
ठाणे जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव रवीन्द्र पाजणकर के अनुसार माननीय मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आर. डी. सावंत ने शनिवार, 12/09/2026 को ‘नेशनल लोक अदालत’ आयोजित की है। न्यायालय में लंबित मामले और पहले फाइल किए गए केस सुनवाई के लिए लोक अदालत में रखे जा सकते हैं। ठाणे जिला न्यायालय और ठाणे जिले की सभी तहसील कोर्ट में पेंडिंग केस निपटाने के लिए शनिवार, 12 सितंबर, 2026 को होने वाली लोक अदालत में संबंधित पक्ष अपने केस रखें और नेशनल लोक अदालत का फायदा उठाएं, ऐसी अपील जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव जस्टिस रवींद्र एस. पाजणकर ने की है।
विदित है कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, एक ही फैसला हमेशा के लिए केस से बचा लेता है, केस में गवाह, सबूत, जिरह और लंबी बहस जैसे मामलों से बचा जाता है। फैसला तुरंत सुनाया जाता है।
चूंकि लोक अदालत में फैसला आपसी सहमति से होता है, इसलिए कोई हारता या जीतता नहीं है। लोक अदालत के फैसले से दोनों पक्षों को संतुष्टि मिलती है, क्योंकि फैसला आपसी सहमति से होता है, इसलिए एक-दूसरे के बीच नफरत नहीं बढ़ती और कड़वाहट पैदा नहीं होती। कोर्ट के आदेश के अनुसार, लोक अदालत में आए फैसले को कोर्ट के ज़रिए लागू किया जा सकता है, जिससे समय और पैसे की बचत होती है, इतना ही नहीं, लोक अदालत में निपटाए गए मामलों में, कानून के अनुसार कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। लोक अदालत के महत्व को समझते हुए, ठाणे जिले में पहले हुई नेशनल लोक अदालत को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला और पार्टियों को नेशनल लोक अदालत से फ़ायदा हुआ है।
जिला विधि सेवा प्राधिकरण , ठाणे के ज़रिए, पिछले साल ठाणे और पालघर जिलों में 133463 कोर्ट पेंडिंग और 173794 पहले से फाइल किए गए केस (साल 2025 में 133463 कोर्ट पेंडिंग और 173794 पहले से फाइल किए गए केस) लोक अदालत में निपटाए गए। संबंधित लोगों को करोड़ों रुपये का मुआवज़ा मिला है।


