विरार : सात माह की गर्भवती मदद के लिए चीखती रही, स्ट्रेचर तक नहीं दिया; फर्श पर गिरने से मासूम की हालत गंभीर
Virar: Seven-month pregnant woman screams for help, denied a stretcher; infant in critical condition after falling to the floor
विरार-पश्चिम के एक निजी प्रसूति अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का भयावह मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर सहायता, स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं दी गई। उसे पैदल प्रसूति कक्ष तक ले जाने के दौरान ही बच्चे का जन्म हो गया और नवजात ढाई से तीन फीट की ऊंचाई से सीधे फर्श पर जा गिरा।
विरार : विरार-पश्चिम के एक निजी प्रसूति अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का भयावह मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर सहायता, स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं दी गई। उसे पैदल प्रसूति कक्ष तक ले जाने के दौरान ही बच्चे का जन्म हो गया और नवजात ढाई से तीन फीट की ऊंचाई से सीधे फर्श पर जा गिरा।
घटना विरार-पश्चिम स्थित जोगलेकर मैटरनिटी होम की बताई गई है। महिला की गर्भावस्था का सातवां महीना शुरू हुए केवल दो दिन हुए थे, तभी गुरुवार को उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। महिला और उसके रिश्तेदारों का दावा है कि उन्होंने डॉक्टरों तथा नर्सों से बार-बार कहा कि बच्चा बाहर आ रहा है और तत्काल सहायता की जरूरत है, लेकिन उनकी गुहार को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिवार के अनुसार, अत्यधिक दर्द के कारण महिला ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी, फिर भी उसे स्ट्रेचर उपलब्ध कराने के बजाय चलने को कहा गया।
प्रसूति कक्ष के दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते अचानक प्रसव हो गया और नवजात कठोर फर्श पर गिर पड़ा। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने का दावा किया गया है। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे ठाणे के एक बाल अस्पताल की एनआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। परिवार ने संबंधित डॉक्टरों तथा नर्सों के खिलाफ मामला दर्ज करने और अस्पताल पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।


