छह वर्षों में रेल गाड़ियों पर कुल 118 पत्थर फेंकने की घटनाओं में 113 यात्री जख्मी!
सय्यद ज़ैन
जीआरपी को सिर्फ 21 मामले ही सुलझाने में मिली कामवयाबी!
भारतीय रेल का इस्तेमाल आवागमन के लिए सबसे ज्यादा होता है. वहीँ मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेन को मुंबई की लाइफ लाइन कहा जाता है. हर रोज एक करोड़ से ज्यादा यात्री इससे यात्रा करते है. मुंबई की ट्रेनों में बहुत भीड़ होती है जिसके कारण यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के दरवाजे पर लटककर और खड़े होकर यात्रा करते है. परन्तु कुछ असामाजिक तत्व इन रेल गाड़ियों पर पत्थर फेकने की घटनाओ को अंजाम देते है. जिसमे हर कई यात्री जख्मी होते है. 2013 से जून 2019 तक मुंबई में रेल गाड़ियों पर कुल 118 पत्थर फेंकने की घटनाओं में 113 यात्री जख्मी होने की जानकारी सुचना अधिकार अधिनियम से सामने आई है.
आरटीआय कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने मुंबई रेलवे पोलिस कार्यालय से 2013 से मुंबई में रेल गाड़ियों पर पत्थर फेकने की कितनी घटनाएँ तथा इन घटनाओं में कुल कितने यात्री जख्मी हुए है, एवं जीआरपी कुल कितने मामलों को सुलझाने पाई है इसकी जानकारी मागी थी इस सन्दर्भ में रेलवे पोलिस के सुचना अधिकारी ने सुचना उपलब्ध कराई है.
मिली जानकारी के अनुसार रेल गाड़ियों पर कुल 118 पत्थर फेंकने की घटनाओं में 113 यात्री जख्मी हुए है. एवं जीआरपी को सिर्फ 21 मामले सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा 20 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है. चौकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा पत्थर फेकने के घटनाएँ मध्य रेल मार्ग पर हुई है. सीएसटी से कर्जत के दरम्यान कुल 84 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 81 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 15 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 13 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है. वहीँ हार्बर रेल मार्ग पर वडाला से पनवेल के दरम्यान कुल 21 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 18 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 5 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है. तथा पश्चिम रेल मार्ग चर्चगेट से पालघर के दरम्यान कुल 13 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 14 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज एक मामले को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
वर्षनुसार पत्थरबाजी और जखमी यात्रियों की जानकारी!
2013 में कुल 16 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 14 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 3 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली. तथा जीआरपी महज 3 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2014 में कुल 21 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 20 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी कोमहज 4 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2015 में कुल 16 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 16 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 1 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2016 में कुल 12 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 9 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 1 मामलों को सुलझाने में कामयाबी पाई है. तथा जीआरपी महज 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2017 में कुल 15 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 19 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 4 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 3 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2018 में कुल 27 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 27 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 4 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
2019 जून तक में कुल 11 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 8 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 4 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
जीआरपी ठाणे अनुसार पत्थरबाजी और जखमी यात्रियों की जानकारी!
सीएसटी जीआरपी की हद्द में कुल 7 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 7 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 2 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
दादर जीआरपी की हद्द में कुल 4 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 4 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 2 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 2 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
कुर्ला जीआरपी की हद्द में कुल 18 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 11 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 3 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 3 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
ठाणे जीआरपी की हद्द में सबसे ज्यादा कुल 35 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 40 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 6 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
डोम्बिवली जीआरपी की हद्द में कुल 2 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 3 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी किसी भी मामलों को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
कल्याण जीआरपी की हद्द में कुल 17 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 15 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 2 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 2 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
कर्जत जीआरपी की हद्द में सिर्फ 1 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 1 यात्री जख्मी हुआ है. वहीँ जीआरपी एकमात्र मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
वडाला जीआरपी की हद्द में कुल 9 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 9 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 1 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
वाशी जीआरपी की हद्द में कुल 9 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 7 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को महज 3 मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी महज 3 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
पनवेल जीआरपी की हद्द में कुल 3 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 2 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को सिर्फ 1 मामले को सुलझाने में कामयाबी पाई है. तथा जीआरपी महज 2 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
चर्चगेट जीआरपी की हद्द में सिर्फ 1 पत्थर फेकने की घटना में कुल 1 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को एकमात्र मामले को सुलझाने में कामयाबी मिली है. तथा जीआरपी आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.
मुंबई सेन्ट्रल जीआरपी की हद्द में सिर्फ 1 पत्थर फेकने की घटना में कुल 3 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को एकमात्र मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
बांद्रा जीआरपी की हद्द में कुल 2 पत्थर फेकने की घटनाओं में 2 यात्री जख्मी हुआ है. वहीँ जीआरपी को किसी भी मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
अँधेरी जीआरपी की हद्द में कुल 2 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 2 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को किसी भी मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
बोरीवली जीआरपी की हद्द में कुल 2 पत्थर फेकने की घटनाओं में 1 यात्री जख्मी हुआ है. वहीँ जीआरपी को किसी भी मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं पाई है.
वसई रोड जीआरपी की हद्द में कुल 5 पत्थर फेकने की घटनाओं में कुल 5 यात्री जख्मी हुए है. वहीँ जीआरपी को किसी भी मामले को सुलझाने में कामयाबी नहीं मिली.
पालघर जीआरपी की हद्द में अब तक कोई भी पत्थर फेकने के घटना हुई है.
आरटीआय कार्यकर्ता शकील अहमद शेख के अनुसार रेल गाड़ियों पर पत्थर फेकने घटना चिंताजनक है. इसमें जान भी जाने संभवना बनी रहती है. एवं ठाणे जीआरपी की हद्द में पत्थर फेकने घटना रोकने के लिए प्रशासन को पटरियों पर गस्त बढ़नी चाहिए. और मुंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2005 में रेल पटरियों के दोनों तरफ सुरक्षा दिवार बनाने का आदेश दिया है उसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए जिससे लगभग पूरी तरह से पत्थर फेकने की घटनाओं पर लगाम लगेगी.


