रोकठोक लेखनी की खबर पर मुहर प्रदीप शर्मा को नाला सोपारा से टिकट
एम.आई.आलम
हिंदी दैनिक “रोकठोक लेखनी” ने पिछले 20 जुलाई के अंक में खबर प्रकाशित की थी कि ‘क्षितिज ठाकुर को चुनौती देंगे प्रदीप शर्मा” इस खबर पर आज उस समय मुहर लग गयी जब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में प्रदीप शर्मा को बुलाकर नालासोपारा से प्रत्याशी बनाने के लिए उन्हें ए बी फार्म सौंपा।
प्रदीप शर्मा के इस्तीफे के बाद से ही चर्चा थी प्रदीप शर्मा अंधेरी, चांदीवली और नालासोपारा विधानसभा सीट में से किसी एक सीट से मैदान पर उतर सकते हैं। लेकिन रोकठोक लेखनी ने कुछ तथ्यों के आधार पर अब से दो माह पूर्व ही यह दावा किया था कि प्रदीप शर्मा नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र से क्षितिज ठाकुर के सामने ताल ठोकने को तैयार थे। इन्तेज़ार था तो केवल अधिकारिक रूप से एलान करने का।
नालासोपारा से श्री प्रदीप शर्मा का चुनाव मैदान में उतरने के पीछे एक बड़ा कारण है। पिछले दो विधानसभा चुनाव लगातार जीते क्षितिज ठाकुर के सामने मज़बूत चुनौती पेश करने में भाजपा या फिर शिवसेना बुरी तरह नाकाम रही है। 2014 के विधानसभा चुनाव में क्षितिज ठाकुर ने कुल एक लाख तेरह हज़ार पांच सौ छासठ वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी भाजपा के राजन नाइक को 54 हज़ार से अधिक मतों से हराया था। राजन नाइक को कुल 59 हज़ार के आस पास ही मत प्राप्त हुए थे। उससे पहले 2009 के चुनाव में भी क्षितिज ठाकुर ने एकतरफा अंदाज़ में शिवसेना प्रत्याशी जयराम चैहान को मात दी थी।
नालासोपारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सालों से चल रही ठाकुर परिवार के एकछत्र साम्राज्य को चुनौती देने के लिये किसी ऐसे चेहरे की तलाश थी जो न केवल ठाकुर परिवार की दबंगई का सामना कर सके बल्कि आम मतदाताओं के बीच चार्चित चेहरा भी हो इन दोनो कसौटी पर प्रदीप शर्मा पूरी तरह से खरे उतरते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले प्रदीप शर्मा को नालासोपारा में बड़ी संख्या में रहने वाले उत्तर भारतीय समुदाय का समर्थन तो मिलेगा ही साथ ही ठाकुर परिवार की दबंगई भी प्रदीप शर्मा जैसे चर्चित चेहरे के सामने उतनी नहीं चल पायेगी। इस लिये कहा जा सकता है कि प्रदीप शर्मा को टिकट देकर शिवसेना ने एक तीर से कई निशाने साधे है।
अब जब कयासबाजी समाप्त हो प्रदीप शर्मा के टिकट का औपचारिक एलान हो चुका है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान विधायक क्षितिज ठाकुर प्रदीप शर्मा की चुनौती की काट के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं स्थिति जो भी हो यह तो तय है कि क्षितिज ठाकुर को प्रदीप शर्मा से मज़बूत चुनौती शायद ही अब तक मिली हो।


