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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के लिए ई-पेपर की अनिवार्यता हटाई

 मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के लिए ई-पेपर की अनिवार्यता हटाई महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को अपने उस फैसले में बदलाव कर दिया, जिसमें डिप्टी चीफ मिनिस्टर और मंत्रियों के लिए अखबारों और पत्रिकाओं का केवल ऑनलाइन ई-पेपर सब्सक्रिप्शन अनिवार्य किया गया था। सरकार ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि मंत्री अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या फिजिकल यानी प्रिंट सब्सक्रिप्शन में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं।
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ठाणे: तंबाकू के खिलाफ अभियान तेज, टीएमसी ने जब्त की सिगरेट और हटाए ठेले

ठाणे: तंबाकू के खिलाफ अभियान तेज, टीएमसी ने जब्त की सिगरेट और हटाए ठेले ठाणे महानगर पालिका के अतिक्रमण हटाने वाले विभाग ने आज अलग-अलग वार्ड कमिटी एरिया में स्कूल कैंपस में बिना इजाज़त के स्टॉल के खिलाफ एक खास कार्रवाई अभियान चलाया और बड़ी मात्रा में तंबाकू प्रोडक्ट ज़ब्त किए। यह कार्रवाई म्युनिसिपल कमिश्नर सौरभ राव के निर्देश पर स्कूल क्षेत्रों में तंबाकू उत्पाद की बिक्री को रोकने के लिए की गई। इस अभियान में, अलग-अलग वार्ड कमिटी एरिया में कुल 53 बिना इजाज़त के स्टॉल के खिलाफ कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान, बड़ी मात्रा में तंबाकू प्रोडक्ट, सिगरेट, गुटखा और पान मसाला ज़ब्त किए गए।  
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मुंबई : मनपा ने हटाए पुराने वाहन, स्क्रैपिंग अभियान तेज

मुंबई : मनपा ने हटाए पुराने वाहन, स्क्रैपिंग अभियान तेज महानगर की सड़कों पर वाहनों की पार्किग समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है। इस बीच मुंबई मनपा ने लावारिश व कबाड़ा हो रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मनपा ने 10,584 वाहनों को स्क्रैप कर दिया है। मनपा से मिली जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल तक पूरे मुंबई में 31,011 खटारा वाहन चिन्हित किए थे। इनमें से 14,423 वाहनों को टो किया गया, जबकि 10,584 वाहनों को स्थायी रूप से स्क्रैप कर दिया गया है। 
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नई दिल्ली : SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के खिलाफ टिप्पणी हटाई

नई दिल्ली : SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के खिलाफ टिप्पणी हटाई सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 8 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज प्रशांत कुमार को लेकर की गई अपनी उस टिप्पणी को हटा लिया है जिसमें उनकी एक सिविल विवाद मामले में आपराधिक कार्यवाही को अनुमति दिए जाने की आलोचना की थी। कोर्ट ने कहा कि उसका इरादा उन्हें शर्मिंदा करना या उन पर आरोप लगाना नहीं था। जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने दोहराया कि ये टिप्पणियां न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए की गई थीं।
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