"पीएम मोदी की तारीफ करने वाले दुबई में क्यों बस रहे हैं?": MNVS रैली में राज ठाकरे का विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन पर तीखा हमला
"Why are those who praise PM Modi settling in Dubai?": Raj Thackeray launches a scathing attack on Vivek Oberoi and R. Madhavan at an MNVS rally
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई में MNVS की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित रैली में बॉलीवुड अभिनेताओं विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन के दुबई शिफ्ट होने पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में सब कुछ महान हो रहा है, तो ये कलाकार और उद्योगपति विदेश में क्यों बस रहे हैं? इसके साथ ही उन्होंने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई में आयोजित महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (MNVS) की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर केंद्र सरकार और बॉलीवुड अभिनेताओं पर जमकर निशाना साधा। राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके शासन मॉडल की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करने वाले बॉलीवुड अभिनेताओं विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन के विदेश (दुबाई) में बसने के फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर देश में सब कुछ इतना शानदार हो चुका है और भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से प्रगति कर रहा है, तो फिर ये हस्तियां अपने परिवार के साथ दुबई में क्यों शिफ्ट हो रही हैं।
अपने आक्रामक संबोधन में मनसे प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई बड़े अभिनेता भारत केवल 'सरकार-प्रायोजित' फिल्मों में अभिनय करने आते हैं और शूटिंग पूरी होते ही वापस दुबई लौट जाते हैं। उन्होंने विवेक ओबेरॉय का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की बायोपिक में मुख्य भूमिका निभाई थी, वे खुद आज देश में न रहकर विदेश में बस चुके हैं। इसी तरह अभिनेता आर. माधवन का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि देश के बदलाव की तारीफ करने वाले कलाकार भी अब दुबई में रह रहे हैं। इसके साथ ही राज ठाकरे ने पिछले 12 वर्षों में देश छोड़कर जाने वाले हजारों उद्योगपतियों और कारोबारियों के मुद्दे को भी उठाया।
एमएनवीएस के इस कार्यक्रम में राज ठाकरे ने देश के युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर भी बेबाकी से बात की। नीट (NEET) पेपर लीक और जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब युवाओं का भविष्य और उम्मीदें टूटती हैं, तब उनका आक्रोश सड़कों पर दिखाई देता है। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और केंद्र सरकार से युवाओं की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। राज ठाकरे का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में इस पर नई बहस छिड़ गई है।


