मुंबई : डिप्टी मेयर संजय घाडी की दो टूक; चाहे मजार हो या कोई और अवैध निर्माण, सब पर चलेगा बुलडोजर
Mumbai: Deputy Mayor Sanjay Ghadi's blunt statement: Whether it's a shrine or any other illegal construction, bulldozers will be used on all.
मुंबई में अवैध कब्जों को लेकर बीएमसी के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि चाहे मजार हो या दूसरा कोई अवैध निर्माण, प्रशासन को कार्रवाई के लिए आदेश दिया जाएगा। उन्होंने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों को भी मुंबई से बाहर करने का महायुति का वादा दोहराया है। वहीं 'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर भी संजय घाडी ने अपनी बात रखी।
मुंबई: मुंबई में अवैध कब्जों को लेकर बीएमसी के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि चाहे मजार हो या दूसरा कोई अवैध निर्माण, प्रशासन को कार्रवाई के लिए आदेश दिया जाएगा। उन्होंने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों को भी मुंबई से बाहर करने का महायुति का वादा दोहराया है। वहीं 'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर भी संजय घाडी ने अपनी बात रखी।
अवैध कब्जों पर क्या कहा?
डिप्टी मेयर संजय घाडी ने कहा कि चाहे वह 'मजार' हो या कोई और बिना इजाजत किया गया निर्माण, प्रशासन को उसके खिलाफ एक्शन लेने का आदेश देंगे। बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर उन्होंने कहा कि मेयर रितु तावडे ने अपने इंटरव्यू में पहले ही स्पष्ट किया था कि मुंबई शहर में बांग्लादेशी घुसपैठियों को हटाया जाना चाहिए। जल्द मुंबई पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ बीएमसी मेयर के नेतृत्व में बैठक होगी। इसके बाद अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों पर एक्शन लिया जाएगा।
मुंबई सबकी है
एआईएमआईएम को लेकर भी संजय घाडी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपने धर्म के बारे में इस तरह से बात नहीं करनी चाहिए, न ही उन्हें जाति के आधार पर भेदभाव करना चाहिए। मुंबई सबकी है और हम सब मुंबई में एक साथ रहते हैं। यहां गुजराती, मराठी और उत्तर भारतीय हैं। सभी ने मुंबई को आर्थिक राजधानी बनाने में योगदान दिया है। चुनावों के वक्त राजनीति ठीक है, लेकिन सभी को चुनावों के बाद मुंबई में विकास के लिए काम करना चाहिए।
हर नेता को हर चुनाव में कड़ी मेहनत करनी चाहिए
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई का मुस्लिम समुदाय पहले कांग्रेस का समर्थन करता था। धीरे-धीरे वे दूर हो गए और लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी के साथ रहने का फैसला किया। उसके बाद इस गठबंधन को भी छोड़ दिया और एआईएमआईएम में शामिल हो गए। नतीजतन, मुस्लिम-बहुल इलाकों से आठ कॉर्पोरेटर चुने गए हैं। संजय घाडी ने आगे कहा कि हर नेता को हर चुनाव में कड़ी मेहनत करनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी व एकनाथ शिंदे और हमारी शिवसेना, हम सभी ने लगातार काम किया है और इसीलिए हम जीते हैं।
'वंदे मातरम' पर क्या बोले?
'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर संजय घाडी बोले कि अगर केंद्र सरकार या राज्य सरकार कोई कानून बनाती है व उसे नागरिकों के लिए लागू किया जाता है, तो उसका पालन होना चाहिए। लेकिन हम किसी धर्म का विरोध करके ऐसा नहीं करेंगे। हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए।


