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मुंबई : नाबालिग की पहाड़ी से धक्का देकर हत्या: आरोपी गिरफ्तार; क्या दोहराया गया 'सिया-केतन' जैसा हत्याकांड?

मुंबई : नाबालिग की पहाड़ी से धक्का देकर हत्या: आरोपी गिरफ्तार; क्या दोहराया गया 'सिया-केतन' जैसा हत्याकांड? मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित समतानगर इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी डिलीवरी बॉय सूरज मारुति वाघमारे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवती को पहाड़ी से धक्का देकर उसकी हत्या की। तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया इनपुट और वैज्ञानिक जांच की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया।  
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मुंबई : लोग तय करेंगे कि मैं रील्स स्टार हूं या रियल स्टार - मेयर रितु तावड़े

मुंबई : लोग तय करेंगे कि मैं रील्स स्टार हूं या रियल स्टार - मेयर रितु तावड़े बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की मेयर रितु तावड़े ने मुंबई में पिछले हफ्ते बारिश और समुद्र हाई टाइड के बीच कोस्टल रोड के वीडियो पर ट्रोल किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है। मेयर रितु तावड़े ने कहा है कि वह समुद्र में ऊंची लहरों के उठने के अलर्ट के वह कोस्टल रोड के विजिट पर गई थीं। यह कदम मुंबई के लोगों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा था और साफ किया कि वह 'रील्स स्टार' बनने के लिए वहां नहीं गई थीं। गौरतलब हो कि कोस्टल रोड के विजिट में मेयर रितु तावड़े ने वहां रेलिंग पर बैठे एक कपल को हटाया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। खुद आदित्य ठाकरे ने हमला बोला था।  
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नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर

नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है.
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मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट 

मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट  बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। 
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