मुंबई-नासिक हाइवे पर पलटा कंटेनर, लगा 3 किमी लंबा जाम, मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी फंसी

A container overturned on the Mumbai-Nashik highway, causing a 3-km traffic jam and several ambulances carrying patients stranded.

मुंबई-नासिक हाइवे पर पलटा कंटेनर, लगा 3 किमी लंबा जाम, मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी फंसी

भिवंडी तालुका के कुकसे गांव के पास मुंबई-नासिक हाइवे पर नासिक की ओर जा रहा एक बड़ा कंटेनर पलट गया। कंटेनर कुकसे गांव के पास भोइरपाडा स्थित वेयरहाउस कॉम्पलेक्स से सामान ले जा रहा था। गलत दिशा में जाने से ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण छूटा और वह पलट गया। इसके चलते कुकसे-येवई रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हादसे में कंटेनर ड्राइवर मामूली जख्मी हुआ है। पडघा पुलिस और हाइवे ट्रैफिक पुलिस देर तक ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए जूझती रही। 

मुंबई: भिवंडी तालुका के कुकसे गांव के पास मुंबई-नासिक हाइवे पर नासिक की ओर जा रहा एक बड़ा कंटेनर पलट गया। कंटेनर कुकसे गांव के पास भोइरपाडा स्थित वेयरहाउस कॉम्पलेक्स से सामान ले जा रहा था। गलत दिशा में जाने से ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण छूटा और वह पलट गया। इसके चलते कुकसे-येवई रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हादसे में कंटेनर ड्राइवर मामूली जख्मी हुआ है। पडघा पुलिस और हाइवे ट्रैफिक पुलिस देर तक ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए जूझती रही। 

 

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एंबुलेंस भी फंसी, मरीज हुए परेशान
टैंकर पलटने से हाइवे पर हुए ट्रैफिक जाम का असर आम यात्रियों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ा। इस दौरान कुछ एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ा। वाहन चालकों और पीड़ितों का कहना है कि पिछले कई महीनों से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते आए दिन यहां जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।

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आधे-अधूरे निर्माण कार्य ने बढ़ाई वाहन चालकों की मुसीबत
मुंबई-नासिक हाइवे पर फ्लाइओवर एवं पुलों के आधे-अधूरे निर्माण कार्य ने स्थिति विकट कर दी। इस रूट पर पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं, जब लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ता है। इसकी एक वजह यह है कि राजनोली से पिंपलास तक सर्विस लेन सहित सड़क पांच लेन की है, जो आगे चलकर अचानक दो लेन में सिमट जाती है। ऐसे में, वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा इस हिस्से में चढ़ाई होने की वजह से वाहन धीमी गति में चलते हैं। कुछ ट्रक और अन्य बड़े वाहन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो जाते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। पीक आवर में अक्सर यात्रियों का काफी वक्त ट्रैफिक जाम में ही चला जाता है।

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