मलबार हिल में गुजराती नेम बोर्ड हटाए गए, मनसे की शिकायत के बाद BMC की कार्रवाई

Gujarati name boards removed in Malabar Hill; BMC action taken after MNS complaint

मलबार हिल में गुजराती नेम बोर्ड हटाए गए, मनसे की शिकायत के बाद BMC की कार्रवाई

मुंबई के मलबार हिल इलाके में गुजराती भाषा के नेम बोर्डों को BMC ने हटा दिया है। यह कार्रवाई मनसे की शिकायत के बाद की गई। मामले ने मुंबई में भाषा और साइनज नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। #MumbaiNews #MalabarHill #BMC #MNS #Marathi

 

मुंबई के मलबार हिल इलाके में लगे गुजराती भाषा के कुछ नेम बोर्डों को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने हटा दिया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा की गई शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये बोर्ड महानगरपालिका के साइनज नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, मलबार हिल के डुंगरसी रोड, स्वतंत्र सैनिक एस. एम. जोशी क्रीड़ांगण और अन्य स्थानों पर गुजराती तथा जैन भाषा में लगे नामफलक को लेकर मनसे ने आपत्ति जताई थी। पार्टी नेताओं का कहना था कि BMC के नियमों के अनुसार सार्वजनिक नामफलक और साइन बोर्ड निर्धारित भाषा मानकों के अनुरूप होने चाहिए।

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मनसे ने इस मामले में पुलिस और BMC दोनों को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद महानगरपालिका ने संबंधित पक्षों को नोटिस देकर बोर्ड हटाने के निर्देश दिए। बाद में इन बोर्डों को हटा दिया गया।

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इस कार्रवाई के बाद भाषा और साइन बोर्ड नियमों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मनसे का कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सभी सार्वजनिक बोर्ड निर्धारित नियमों के अनुसार होने चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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BMC की ओर से संकेत दिया गया है कि शहर में साइनज नियमों के पालन को लेकर निगरानी जारी रहेगी। इससे पहले भी मुंबई के विभिन्न इलाकों में भाषा संबंधी साइन बोर्डों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

फिलहाल यह मामला मुंबई में भाषा, स्थानीय पहचान और सार्वजनिक साइनज नियमों को लेकर चल रही बहस का नया केंद्र बन गया है।