Raj thackeray
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माहीम वार्ड 190: पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल का मनसे से इस्तीफ़ा, बीएमसी चुनाव से पहले सियासी हलचल

माहीम वार्ड 190: पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल का मनसे से इस्तीफ़ा, बीएमसी चुनाव से पहले सियासी हलचल मुंबई के माहीम क्षेत्र की राजनीति में बीएमसी चुनाव से पहले एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। माहीम वार्ड क्रमांक 190 से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया...
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माहिम प्रभाग 182 में महाविकास युति को मजबूती, राज ठाकरे से मुलाकात के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश

माहिम प्रभाग 182 में महाविकास युति को मजबूती, राज ठाकरे से मुलाकात के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश चुनाव प्रचार के दूसरे दिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और मनसे की युति के कार्यकर्ताओं ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से सदिच्छा भेंट की। इस दौरान प्रभाग 182 से उम्मीदवार मिलिंद वैद्य भी मौजूद रहे। बातचीत में संगठनात्मक समन्वय और प्रचार रणनीति पर चर्चा हुई।
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महाराष्ट्र में भाषा को लेकर बवाल जारी, हिंदी थोप रही सरकार... राज ठाकरे की पार्टी ने सरकार को दी चेतावनी !

महाराष्ट्र में भाषा को लेकर बवाल जारी,  हिंदी थोप रही सरकार... राज ठाकरे की पार्टी ने सरकार को दी चेतावनी ! मनसे ने सरकार को धमकी दी है कि अगर सरकार उनके विरोध और अभियान पर ध्यान नहीं देती है तो वे सड़कों पर उतरेंगे. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि भाजपा हमेशा से मराठी और छात्र कल्याण की प्रबल समर्थक रही है. महाराष्ट्र में केवल मराठी को अनिवार्य बनाया गया है. कोई अन्य भाषा नहीं थोपी गई है. पहले कक्षा 5 से 8 तक हिंदी अनिवार्य थी, लेकिन अब यह अनिवार्यता हटा दी गई है. हिंदी अब कक्षा 1 से 5 तक केवल वैकल्पिक तीसरी भाषा के रूप में उपलब्ध है, और चयन में विकल्प के साथ.
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बीजेपी नेता ने राज ठाकरे पर साधा निशाना... हिंदी मेरी मां और मराठी हमारी मौसी

बीजेपी नेता ने राज ठाकरे पर साधा निशाना... हिंदी मेरी मां और मराठी हमारी मौसी इस मौके पर वरिष्ठ बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह ने बिना किसी का नाम लिए मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “हिंदी माझी आई, मराठी माझी मावशी. यानी हिंदी हमारी मां है और मराठी हमारी मौसी. कुछ लोग चुनाव आते ही मराठी और गैर-मराठी के बीच खाई पैदा करना चाहते हैं. जब उन्हें अपनी राजनीतिक ज़मीन खिसकती नजर आती है, तभी वे भाषा का सहारा लेते हैं.”
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