मुंबई: 25 हजार में महिलाओं के 'एग्स' का सौदा, पुलिस ने रैकेट को पकड़ा, फोन में मिले चौंकाने वाले सबूत
Mumbai: Women's 'eggs' traded for 25,000 rupees; police bust racket, shocking evidence found on phone
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में आने वाले उल्हासनगर-ठाणे में महिलाओं के गैर-कानूनी तरीके से अंडाणु बेचने के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद तीन महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की शुरू की है। इन महिलाओं पर आरोप है कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं को टारगेट करती थीं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनके गर्भाशय से अंडाणु बेचने को गोरखधंधा करती थीं। कोर्ट ने यह गोरखधंधा चलाने वाली महिलाओं को 25 फरवरी तक के लिए पुलिक की हिरासत में भेजा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला के गर्भाशय के अंडाणु की बिक्री 20 से 25 हजार रुपये में होती थी।
मुंबई/ठाणे: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में आने वाले उल्हासनगर-ठाणे में महिलाओं के गैर-कानूनी तरीके से अंडाणु बेचने के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद तीन महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की शुरू की है। इन महिलाओं पर आरोप है कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं को टारगेट करती थीं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनके गर्भाशय से अंडाणु बेचने को गोरखधंधा करती थीं। कोर्ट ने यह गोरखधंधा चलाने वाली महिलाओं को 25 फरवरी तक के लिए पुलिक की हिरासत में भेजा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला के गर्भाशय के अंडाणु की बिक्री 20 से 25 हजार रुपये में होती थी।
कैसे हुआ गौरखधंधे का खुलासा?
जानकारी के अनुसार मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में महिलाओं के एग्स बेचने के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित महिला को वादे के अनुसार उचित दाम नहीं मिला तो महिला ने बदलापुर सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्योत्सना सावंत से यह जानकारी ली।एग्स बेचने की घटना को खुलासे पर सांवत दंग रह गईं। उन्होंने बदलापुर ईस्ट पुलिस के साथ बुधवार को एक जॉइंट रेड की। इस ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों को आरोपी के मोबाइल फोन से कुछ आपत्तिजनक चीजें मिलीं। जिसमें अंडे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले हार्मोन इंजेक्शन की तस्वीरें, सोनोग्राफी की तस्वीरें, नकली नामों से तैयार किए गए नकली एफिडेविट, नकली डॉक्यूमेंट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के सबूत शामिल थे।
पुलिस ने तीन महिलाओं को किया अरेस्ट
मेडिकल टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में बदलापुर के जोवेली इलाके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान सुलक्षणा गाडेकर (44), अश्विनी चाबुकस्वार (29) और मंजूषा वारिखेड़े (46) के तौर पर हुई है। इन पर आरोप है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनके अंडों (इंसानी अंडों) को गैर-कानूनी तरीके से निकालकर बेचने में मदद करती थीं। पुलिस के अनुसार यह रैकेट कथित तौर पर नैनो सिटी बिल्डिंग में गाडेकर के घर से चलाया जा रहा था। इस रैकेट ने करीब 40 महिलाओं को एग्स बेचेन के लिए राजी किया। उनका इस्तेमाल किया। जांच के दौरान यह पता चला कि हर महिला को हर प्रोसीजर के लिए कथित तौर पर 25,000 से 30,000 रुपये के बीच पेमेंट किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गोरखधंधे में कौन से मेडिकल प्रोफेशनल्स और आईवीए क्लीनिक शामिल हैं।
अंडाणु-शुक्राणु ब्रिकी को लेकर स्थिति?
भारत में अंडाणु और शुक्राणु को बेचना पूरी तरह से गैरकानूनी है। सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत केवल दान की अनुमति है। इसके लिए भी काफी सख्त शर्ते हैं। कानून में 5 से 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ बार-बार अपराध करने पर 8 से 12 साल की सजा का प्रावधान है। डोनेशन के लिए भी उम्र तय की गई है। 23 से 35 साल की महिलाएं और 21 से 55 साल के पुरुष ही अपने अंडाणु और शुक्राणु (स्पर्म) डोनेट कर सकिते हैं। दान सिर्फ एआरटी बैंक से ही करने का प्रावधान किया गया है।


