मुंबई : बीएमसी का बुधवार को खुलेगा पिटारा... मनपा आयुक्त भूषण गगरानी पेश करेंगे बजट
Mumbai: BMC's budget will be presented on Wednesday... Municipal Commissioner Bhushan Gagrani
मुंबई में दो लाख करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न बड़ी परियोजनाएं जारी हैं, जिनके लिए आगामी वित्तीय वर्ष में अधिक निधि का प्रावधान किया जा सकता है। पिछले बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 43 हजार 162 करोड़ रुपए तथा राजस्व व्यय के लिए 31 हजार 204 करोड़ 53 लाख रुपए निर्धारित किए गए थे। परियोजनाओं के बढ़ते खर्च को देखते हुए महापालिका को कर्ज का सहारा भी लेना पड़ा है। वर्ष 2024-25 में 12 हजार 119 करोड़ 47 लाख रुपये का आंतरिक कर्ज लिया गया था, जबकि पिछले बजट में यह कर्ज 16 हजार 699 करोड़ 41 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
मुंबई : मुंबई महापालिका का वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में भाजपा स्थाई समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे के सम्मुख मनपा आयुक्त भूषण गगरानी पेश करेंगे। भाजपा के सम्मुख पेश होने वाला यह पहला बजट होगा। सामान्यतः हर वर्ष फरवरी के पहले सप्ताह में बजट प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन इस बार महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और अन्य समितियों के अध्यक्ष व सदस्यों के चुनाव में हुई देरी के कारण बजट निर्धारित समय पर पेश नहीं हो सका। हाल ही में नई स्थायी समिति अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई बैठक में 25 फरवरी की तारीख पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष के बजट में विभिन्न अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय तरतूद किए जाने की संभावना है। पिछले चार वर्षों से महापालिका में प्रशासक का कार्यकाल लागू था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नई महापौर और अन्य पदाधिकारियों ने कार्यभार संभाल लिया है, जिसके बाद बजट प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। वर्ष 2025-26 में महापालिका ने 74 हजार 427 करोड़ 41 लाख रुपए का बजट पेश किया था, जो 2024-25 की तुलना में 14.19 प्रतिशत अधिक था। इस बार बजट का आकार 80 हजार करोड़ रुपए या उससे अधिक रहने का अनुमान है।
मुंबई में दो लाख करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न बड़ी परियोजनाएं जारी हैं, जिनके लिए आगामी वित्तीय वर्ष में अधिक निधि का प्रावधान किया जा सकता है। पिछले बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 43 हजार 162 करोड़ रुपए तथा राजस्व व्यय के लिए 31 हजार 204 करोड़ 53 लाख रुपए निर्धारित किए गए थे। परियोजनाओं के बढ़ते खर्च को देखते हुए महापालिका को कर्ज का सहारा भी लेना पड़ा है। वर्ष 2024-25 में 12 हजार 119 करोड़ 47 लाख रुपये का आंतरिक कर्ज लिया गया था, जबकि पिछले बजट में यह कर्ज 16 हजार 699 करोड़ 41 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।


