मुंबई : अब नालासोपारा स्टेशन पर लोकल में चढ़ने के लिए लगानी होगी लाइन; भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष क्राउड मैनेजमेंट अभियान शुरू
Mumbai: Now, queues are required to board local trains at Nalasopara station; special crowd management campaign launched to control congestion.
By: Online Desk
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पश्चिम रेलवे ने नालासोपारा रेलवे स्टेशन पर पीक ऑवर के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष क्राउड मैनेजमेंट अभियान शुरू किया है। उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार विरार के सहायक सुरक्षा आयुक्त के मार्गदर्शन में इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को सुव्यवस्थित लाइनों में खड़े रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुंबई: पश्चिम रेलवे ने नालासोपारा रेलवे स्टेशन पर पीक ऑवर के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष क्राउड मैनेजमेंट अभियान शुरू किया है। उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार विरार के सहायक सुरक्षा आयुक्त के मार्गदर्शन में इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को सुव्यवस्थित लाइनों में खड़े रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यात्रियों को दी जा रही जानकारी
ट्रेन के आगमन से पहले नियमित अनाउंसमेंट कर यह समझाया जा रहा है कि पहले उतरने वाले यात्रियों को पूरा रास्ता दिया जाए और उसके बाद ही क्रमबद्ध तरीके से लोकल में चढ़ा जाए। इससे धक्का-मुक्की और अफरातफरी की स्थिति को रोकने में मदद मिल रही है। फिलहाल इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर नालासोपारा में शुरू किया गया है। इसके सफल होने पर अन्य स्टेशनों पर भी इसे लागू किया जाएगा। क्योंकि नालासोपारा से अधिक लोग पीक समय में विरार डाउन यात्रा करते है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आरपीएफ और एमएसएफ के जवानों की संयुक्त टीम तैनात की गई है।
प्लेटफॉर्म पर बढ़ेगा अनुशासन
अलग-अलग पोस्ट से आए सुरक्षाकर्मियों के साथ नालासोपारा पोस्ट का स्टाफ भी सक्रिय रूप से ड्यूटी पर मौजूद है। अधिकारी यात्रियों से व्यक्तिगत संवाद कर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस सकारात्मक पहल से प्लेटफार्म पर अनुशासन बढ़ेगा, दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित तथा सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा। सफल होने पर इस मॉडल को अन्य व्यस्त स्टेशनों पर भी लागू किया जा सकता है। बता दें कि लोग एसी लोकल में चढ़ने के लिए पहले से लाइन लगाते है। वेस्टर्न रेलवे के अधिकारी भी इस पूरे पायलट प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।


