मुंबई : 62 लाख लाडली बहनों का कटा नाम, अभी भी इतने करोड़ लाभार्थी

Mumbai: 62 lakh Ladli sisters' names deleted, still so many crore beneficiaries

मुंबई : 62 लाख लाडली बहनों का कटा नाम, अभी भी इतने करोड़ लाभार्थी

महाराष्ट्र सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के लाभार्थियों की संख्या में पिछले एक साल में भारी कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब केवल 1.90 करोड़ पात्र महिलाएं ही इस सूची में बची हैं। इसका मतलब है कि लगभग 62 लाख आवेदकों को अपात्र होने पर योजना से बाहर कर दिया गया है। 

 

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के लाभार्थियों की संख्या में पिछले एक साल में भारी कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब केवल 1.90 करोड़ पात्र महिलाएं ही इस सूची में बची हैं। इसका मतलब है कि लगभग 62 लाख आवेदकों को अपात्र होने पर योजना से बाहर कर दिया गया है। 

 

Read More मुंबई शहर को मिलने वाला है पहला अंडरग्राउंड टनल 

क्यों घटी लाभार्थियों की संख्या?
अधिकारियों के मुताबिक अवैध और अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जाने के बाद यह कमी दर्ज की गई है। योजना शुरू होने के समय कुल 2.52 करोड़ महिलाओं ने लाभ लिया था। लेकिन जांच के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की गई जो नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे।
इनमें आयकरदाता, वाहन मालिक और वे महिलाएं शामिल हैं जिन्होंने अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इसमें वह महिलाएं भी शामिल है जो उम्र की सीमा से बाहर थे और एक परिवार में दो से ज्यादा लाभार्थी थे। ऐसे सभी नाम योजना से हटाने के बाद लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.90 करोड़ रह गई। 

Read More ठाणे : बुजुर्ग महिला को अयोध्या धाम में वीआईपी दर्शन कराने का झांसा देकर जालसाज ने 1.80 लाख रुपये ठग लिए

कौन-कौन हुआ अपात्र?
आवेदनों की छानबीन के दौरान खुलासा हुआ कि कई ऐसे परिवार जो इनकम टैक्स भरते हैं, उन्होंने भी गलत जानकारी देकर आवेदन किया था। जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होने पर भी लाभ ले रहे थे। बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं थीं जिन्होंने बार-बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके अलावा एक ही परिवार से दो से अधिक महिलाओं का आवेदन करना या पुरुषों द्वारा महिला बनकर फॉर्म भरना भी नाम कटने की बड़ी वजह रही। इस योजना के तहत हजारों सरकारी कर्मचारी भी गलत तरीके से मासिक किश्तें प्राप्त कर रहे थे, और उनसे अब पूरी राशि वसूल की जा रही है।

Read More मुंबई: 2.4 किलोग्राम कोकीन ले जाते हुए एयरपोर्ट पर पकड़े गए 71 वर्षीय बोलिवियाई नागरिक को सात बाद बरी

31 मार्च के बाद आएगा अंतिम आंकड़ा
अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों की वास्तविक और अंतिम संख्या 31 मार्च के बाद ही स्पष्ट होगी। उस तारीख तक सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी में हुई चूक को सही करना अनिवार्य किया गया है। यदि इस समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो संबंधित लाभार्थी को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि हमेशा के लिए बंद की जा सकती है। 
क्या है लाडकी बहिन योजना?
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

Read More ठाणे: यौन उत्पीड़न के आरोपीको तीन साल के कठोर कारावास की सजा

Sabri Human Welfare Foundation Ngo

Latest News

मुंबई: महाराष्ट्र साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, 20,567 आपत्तिजनक पोस्ट में 53% डिलीट, कहां से फैलती हैं भड़काऊ पोस्ट मुंबई: महाराष्ट्र साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, 20,567 आपत्तिजनक पोस्ट में 53% डिलीट, कहां से फैलती हैं भड़काऊ पोस्ट
मुंबई: मालेगांव से मिरा भाईंदर पहुंचा टीपू सुल्तान विवाद, मीरा रोड के पास की चाैक का नाम बदलने की मांग
नवी मुंबई : बीजेपी और एकनाथ शिंदे सेना आमने-सामने, परिवहन समिति के चुनाव में दोनों ने खड़े किए प्रत्याशी
पुणे लैंड डील केस में पार्थ पवार को क्लीनचिट, जानिए समिति ने रिपोर्ट में क्या कहा
मुंबई : आखिरकार मुंबई पहुंचे कॉमेडियन कुणाल कामरा, शिंदे टिप्पणी विवाद में कमेटी के सामने हुए पेश, जानें क्या हुआ?
मुंबई : वाराणसी से नवी मुंबई और बेंगलुरु के बीच सीधी विमान सेवा शुरू, यात्रियों को मिली राहत