मुंबई: 3 महीने में दोगुना रिटर्न का झांसा देकर 41 लाख की ठगी, कंपनी के मालिक और बेटों पर FIR दर्ज

Mumbai: 41 lakh rupees defrauded by promising double returns in 3 months, FIR registered against company owner and sons

मुंबई: 3 महीने में दोगुना रिटर्न का झांसा देकर 41 लाख की ठगी, कंपनी के मालिक और बेटों पर FIR दर्ज

मुंबई से व्यापार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक व्यवसायी से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने 'अल्फा लाइफ आर्च' कंपनी के मालिक जाकिरुद्दीन गफ्फार सैयद और उनके दो बेटों, शेहबाज और जबिल सैयद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. शिकायतकर्ता अनीस खान, जो 'अक्फा कॉर्पोरेशन' नामक शिपिंग और मशीनरी रेंटल कंपनी चलाते हैं. पुलिस को बताया कि साल 2024 में उनकी मुलाकात आरोपी जाकिरुद्दीन सैयद से हुई थी. आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक लुभावनी स्कीम बताई, जिसमें निवेश की गई राशि पर अगले 3 महीनों में 50% मुनाफे का वादा किया गया था. आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 14 जनवरी 2024 को एक कानूनी अनुबंध किया और 40,00,000 रुपये का व्यावसायिक कर्ज आरटीजीएस के जरिए आरोपियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया. तय समय सीमा बीत जाने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे और मुनाफे की मांग की, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे. इसी बीच, आरोपियों ने एक 'चिट फंड' में पैसा फंसे होने और उसे निकालने के लिए 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर 1,03,943 रुपये का एक और चेक ले लिया. इस तरह कुल 41,03,943 रुपये की मूल राशि आरोपियों के पास जमा हो गई. 

मुंबई:  मुंबई से व्यापार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक व्यवसायी से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने 'अल्फा लाइफ आर्च' कंपनी के मालिक जाकिरुद्दीन गफ्फार सैयद और उनके दो बेटों, शेहबाज और जबिल सैयद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. शिकायतकर्ता अनीस खान, जो 'अक्फा कॉर्पोरेशन' नामक शिपिंग और मशीनरी रेंटल कंपनी चलाते हैं. पुलिस को बताया कि साल 2024 में उनकी मुलाकात आरोपी जाकिरुद्दीन सैयद से हुई थी. आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक लुभावनी स्कीम बताई, जिसमें निवेश की गई राशि पर अगले 3 महीनों में 50% मुनाफे का वादा किया गया था. आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 14 जनवरी 2024 को एक कानूनी अनुबंध किया और 40,00,000 रुपये का व्यावसायिक कर्ज आरटीजीएस के जरिए आरोपियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया. तय समय सीमा बीत जाने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे और मुनाफे की मांग की, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे. इसी बीच, आरोपियों ने एक 'चिट फंड' में पैसा फंसे होने और उसे निकालने के लिए 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर 1,03,943 रुपये का एक और चेक ले लिया. इस तरह कुल 41,03,943 रुपये की मूल राशि आरोपियों के पास जमा हो गई. 

 

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शिकायतकर्ता को झूठे फिरौती मामले में फंसाने की दी धमकी
शिकायतकर्ता के दामाद, जो इस व्यवसाय को संभालते थे, अप्रैल 2024 में एक अन्य मामले में सीबीआई की हिरासत में थे. फरवरी 2025 में उनके बाहर आने के बाद जब फिर से पैसों की मांग की गई, तो आरोपी जाकिरुद्दीन और उसके बेटों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया. आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को झूठे फिरौती के मामलों में फंसाने की धमकी भी दी. 
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद, 15 जुलाई 2025 को आरोपियों ने पुलिस के समक्ष लिखित आश्वासन दिया था कि वे जनवरी और फरवरी 2026 तक किस्तों में कुल 61,03,943 रुपये (मूलधन + लाभ) लौटा देंगे. लेकिन 12 फरवरी 2026 तक एक भी रुपया वापस नहीं किया गया, जिसके बाद पीड़ित ने औपचारिक FIR दर्ज कराई. 

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आरोपियों के खिलाफ धारा 420 , 406 और 34 के तहत मामला दर्ज
अनीस खान की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाकिरुद्दीन वफात सैयद, शहबाज जाकिरुद्दीन सैयद और जबिल जाकिरुद्दीन सैयद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 , 406 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.इस मामले के आरोपी जाकिरुद्दीन पर पुणे ग्रामीण में किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी करने का मामला भी दर्ज है.  

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