मुंबई स्लम फ्री; प्राइवेट डेवलपर्स और शिवशाही पुनर्वास प्रोजेक्ट लिमिटेड के बीच स्पेशल पर्पस व्हीकल्स बनाने को मंज़ूरी
Mumbai slum-free; approval granted for the formation of special purpose vehicles between private developers and Shivshahi Rehabilitation Project Limited
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है।
मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के दौरान शुरू किया गया यह महत्वपूर्ण अभियान, दिवंगत नेता के शहर के लिए दृष्टिकोण को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।
राज्य सरकार के इस फैसले से झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्रक्रिया को काफी गति मिलने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों के लिए सुसज्जित और सुरक्षित आवासों में स्थानांतरित होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन के माध्यम से बालासाहेब ठाकरे के झुग्गी-मुक्त मुंबई के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
ऐसे इलाकों को प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अनुसार, इस अभियान में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां 51 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र झुग्गी-झोपड़ी वाला है। झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्विकास योजना को झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी भूमि के बड़े भूखंडों पर लागू किया जाएगा।
मैपिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन
सभी झुग्गीवासियों का सटीक मानचित्रण और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महाप्रीत जैसी एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
निवासियों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पुनर्निर्मित मकानों का न्यूनतम आकार बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब सभी पात्र निवासियों को 300 वर्ग फुट के अपार्टमेंट मिलेंगे। मौजूदा पुरानी परियोजनाओं को भी इन नए मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबईमें नई झुग्गियों के निर्माण को रोकने के लिए सरकार एनईटीआरएम योजना शुरू कर रही है।


