मुंबई : क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की

Mumbai: Crime Branch takes action against two fake doctors

मुंबई : क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की

मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गैर-कानूनी तरीके से क्लिनिक चलाने और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के लोगों का इलाज कर रहे थे, जिससे मरीजों की सेहत गंभीर खतरे में पड़ सकती थी।

मुंबई : मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गैर-कानूनी तरीके से क्लिनिक चलाने और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के लोगों का इलाज कर रहे थे, जिससे मरीजों की सेहत गंभीर खतरे में पड़ सकती थी। सूचना मिली कि शिवाजीनगर और गोवंडी इलाके में कुछ लोग क्लिनिक चला रहे थे और मरीजों का इलाज कर रहे थे, जबकि उनके पास मेडिकल पढ़ाई या किसी भी मेडिसिन ब्रांच में योग्यताएँ नहीं थीं। इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच यूनिट 6 ने कार्रवाई शुरू की।

 

Read More नालासोपारा पश्चिम में एक रिक्शा चालक ने एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर किया हमला; गिरफ्तार 

यूनिट 6 की टीम ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (M-ईस्ट वार्ड), देवनार के एक असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर के सहयोग से शिवाजीनगर में दो क्लिनिकों पर छापा मारा। रेड के दौरान आरोपी राजीव कपिलदेव रंजन (34) और कुबेरनाथ गोमती यादव (56) को मरीजों की जांच और इलाज करते हुए पकड़ा गया। जांच में पता चला कि ये दोनों बिना वैध मेडिकल लाइसेंस के डॉक्टर के तौर पर काम कर रहे थे और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं थे।

Read More मुंबई : तहव्वुर राणा को फांसी दे दिया जाएगा तब खुशी मनाएंगे, पटाखे फोड़ेंगे - छोटू चाय वाला

पुलिस ने बताया कि आरोपी खुद को योग्य डॉक्टर बताते थे और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों से मोटी फीस वसूलते थे। इस प्रकार वे न केवल मरीजों को गुमराह कर रहे थे, बल्कि उनकी जान और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे थे। रेड के दौरान अधिकारियों ने पंचनामा के तहत क्लिनिक में मौजूद मेडिकल सप्लाई ज़ब्त की। इसमें इंजेक्शन की शीशियां, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट और अन्य दवाइयाँ शामिल थीं। यह ज़ब्ती आगे की जांच और सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी।

Read More मुंबई : बांद्रा वर्ली सी लिंक पर डिवाइडर से टकराने के बाद व्यक्ति के खिलाफ नशे में गाड़ी चलाने का मामला दर्ज

इस मामले में शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। यूनिट 6 के पुलिस इंस्पेक्टर भरत घोणे ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनके साथ अन्य ऑफिसर और स्टाफ भी थे। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है और संभवत: और भी जानकारी सामने आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी डॉक्टरों की गतिविधियाँ न केवल मरीजों की सेहत के लिए खतरा हैं, बल्कि मेडिकल सिस्टम की विश्वसनीयता और सुरक्षा के लिए भी गंभीर समस्या पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी है, ताकि नागरिक सुरक्षित रहें और किसी को धोखा न मिले।

Read More मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम को धमकी भरा कॉल आने के बाद हड़कंप

मुंबई पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी अनजान या संदिग्ध डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज कराने से पहले उनकी योग्यताओं और रजिस्ट्री की जांच करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित स्वास्थ्य विभाग को दें। इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सतर्क हैं और किसी भी तरह की अवैध या जोखिमपूर्ण मेडिकल प्रैक्टिस को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।