मुंबई : कोस्टल रोड का म्यूजिकल स्ट्रेच बना निवासियों के लिए सिरदर्द; जताया विरोध
Mumbai: Musical stretch of Coastal Road becomes a headache for residents; protest erupts
कोस्टल रोड पर तैयार किया गया 'म्यूजिकल स्ट्रेच' सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। तय रफ्तार पर वाहन चलाने पर सड़क पर लगे रम्बल स्ट्रिप्स से टकराकर मशहूर गीत 'जै हो' की धुन बजती है। लेकिन जो प्रयोग एक सकारात्मक अनुभव के लिए शुरू किया गया था, वही अब आसपास रहने वाले लोगों के लिए रोज की परेशानी बन गया है।
मुंबई : कोस्टल रोड पर तैयार किया गया 'म्यूजिकल स्ट्रेच' सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। तय रफ्तार पर वाहन चलाने पर सड़क पर लगे रम्बल स्ट्रिप्स से टकराकर मशहूर गीत 'जै हो' की धुन बजती है। लेकिन जो प्रयोग एक सकारात्मक अनुभव के लिए शुरू किया गया था, वही अब आसपास रहने वाले लोगों के लिए रोज की परेशानी बन गया है। कोस्टल रोड के पास बसे घनी आबादी वाले इलाकों के निवासियों ने इस पहल पर कड़ा विरोध जताया है। ब्रिच कैंडी एएलएम और ब्रिच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम ने इस मुद्दे को लेकर नगर आयुक्त को पत्र लिखा है, जिसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है। निवासियों का कहना है कि यह सुविधा अब राहत नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला शोर बन चुकी है।
सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक क्या हो रहा है?
650 से अधिक परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले निवासियों के अनुसार, यह संगीत रोजाना सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक बजता रहता है। पत्र में बताया गया है कि यह आवाज घरों के भीतर तक "मद्धम लेकिन लगातार दखल देने वाले शोर" के रूप में पहुंचती है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को दिनभर खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं, जिससे खासकर बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है।
क्या यह सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा है?
निवासियों का मानना है कि यह पहल सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरी है। तेज रफ्तार वाली उत्तर दिशा की लेन पर ड्राइवर संगीत सुनने में उलझ जाते हैं। कई वाहन चालक धुन सुनने के लिए अचानक रफ्तार कम कर देते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की अनियमित ड्राइविंग से गंभीर हादसे या बड़े स्तर पर टक्कर की आशंका बनी रहती है।
क्या मुंबई को और शोर की जरूरत है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंबई पहले ही हॉर्न और ट्रैफिक शोर से जूझ रही है। ऐसे में सड़क पर तेज आवाज में बजने वाला संगीत समस्या को और बढ़ा रहा है। उनका तर्क है कि: यह पहल गैर-जरूरी है और शोर प्रदूषण को बढ़ाती है। सड़क के आसपास स्कूल और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान मौजूद हैं, जहां शांति बेहद जरूरी है।
निवासियों की मांग क्या है?
निवासियों ने नगर प्रशासन से अपील की है कि इस संगीत पहल की तुरंत समीक्षा की जाए और इसे बंद किया जाए। उनका कहना है कि पहले से मौजूद सुपरकार्स और तेज़ वाहनों से होने वाला शोर ही पर्याप्त है, ऐसे में यह प्रयोग स्थानीय जीवन को और अधिक बाधित कर रहा है।


