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Read More... वसई-विरार ड्रग्स मामला... विधानसभा में विधायक विलास तरे ने सबूत के तौर पर सौंपी सीडी
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By Online Desk
सदन में पेश किए पुख्ता सबूत विलास तरे केवल शिकायतों के साथ नहीं, बल्कि ठोस सबूतों के साथ सदन में पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ड्रग्स माफियाओं के नेटवर्क और नशा बेचने के ठिकानों की पूरी जानकारी है। सबूत के तौर पर 'सीडी' (CD) विधायक ने नशाखोरी के प्रमाण स्वरूप एक सीडी सीधे मंत्री महोदय को सौंपी। उन्होंने मांग की कि जिस पुलिस स्टेशन की सीमा में करोड़ों का ड्रग्स पकड़ा गया। मुंबई : आत्महत्या के लिए उकसाने को साबित करने के लिए ठोस सबूत की ज़रूरत - हाई कोर्ट
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आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में, गोलमोल और आम आरोपों का कोई मतलब नहीं होता। इस जुर्म को साबित करने के लिए, गलत काम की पक्की जानकारी और सबूत रिकॉर्ड पर लाना ज़रूरी है, ऐसा मुंबई हाई कोर्ट का कहना है। नागपुर बेंच की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने एक केस पर अपने फैसले में साफ किया और आरोपी कपल के खिलाफ गैर-कानूनी एफआयआर और केस को रद्द कर दिया। मुंबई : कलिना ड्रग प्लांटिंग केस में सीसीटीवी सबूत के बावजूद 4 सस्पेंड पुलिसवालों को फिर से नौकरी पर रखा गया
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अक्टूबर 2024 में सांताक्रूज़ ईस्ट के कलीना में एक कथित ड्रग प्लांटिंग केस के सिलसिले में सस्पेंड किए गए चार पुलिसवालों – जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं – को एक महीने पहले बहाल कर दिया गया। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में बहाली का ऑर्डर पास होने के लगभग एक महीने बाद, चारों कर्मचारी दादर ईस्ट के नायगांव में आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर में शामिल हो गए। मुंबई: 25 हजार में महिलाओं के 'एग्स' का सौदा, पुलिस ने रैकेट को पकड़ा, फोन में मिले चौंकाने वाले सबूत
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मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में आने वाले उल्हासनगर-ठाणे में महिलाओं के गैर-कानूनी तरीके से अंडाणु बेचने के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद तीन महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की शुरू की है। इन महिलाओं पर आरोप है कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं को टारगेट करती थीं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनके गर्भाशय से अंडाणु बेचने को गोरखधंधा करती थीं। कोर्ट ने यह गोरखधंधा चलाने वाली महिलाओं को 25 फरवरी तक के लिए पुलिक की हिरासत में भेजा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला के गर्भाशय के अंडाणु की बिक्री 20 से 25 हजार रुपये में होती थी। 
