मुंबई: भारत के लिए आई गुड न्यूज, 15 हजार टन एलपीजी गैस लेकर मुंबई पहुंचा जहाज
Mumbai: I have good news for India, a ship has reached Mumbai with 15 thousand tons of LPG gas
ईरान और इजराइल-अमेरिका की चल रही जंग की वजह से दुनिया के अलग-अलग देशों में ऊर्जा का संकट देखने को मिला. लेकिन, हाल ही में हुए अस्थाई सीजफायर की वजह से रुकी जंग के बीच भारत के लिए खुशखबरी सामने आई है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने गुरुवार को बताया कि उसे भारत का झंडा लगा एक जहाज मिला है, जो 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार करके यहां पहुंचा है.
मुंबई: ईरान और इजराइल-अमेरिका की चल रही जंग की वजह से दुनिया के अलग-अलग देशों में ऊर्जा का संकट देखने को मिला. लेकिन, हाल ही में हुए अस्थाई सीजफायर की वजह से रुकी जंग के बीच भारत के लिए खुशखबरी सामने आई है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने गुरुवार को बताया कि उसे भारत का झंडा लगा एक जहाज मिला है, जो 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार करके यहां पहुंचा है.
जेएनपीए ने इस घटनाक्रम को ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहे युद्ध के माहौल के बीच एक बड़ी उपलब्धि बताया है. एक प्रेस रिलीज में जेएनपीए ने कहा कि आज, जेएनपीए ने गर्व के साथ ‘ग्रीन आशा’ का स्वागत किया. यह भारत का झंडा लगा एक एलपीजी जहाज आहे, ज्याने स्ट्रेट ऑफ होर्मुजला वाचवले आहे. आता हे जेएनपीए के लिक्विड बर्थवर लंगर टाकण्याची चूक आहे. बीपीसीएल-आयओसीएल के द्वारा ऑपरेट किया जाता है.
”मुश्किल परिस्थितियों में एलपीजी की आपूर्ति करते हैं “
ग्रीन आशा जहाज, उसका माल और चालक दल का हर सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसके आने से समुद्री ऑपरेशन्स की वह क्षमता उजागर होती है. इसमें कहा गया है कि इसके तहत वे मुश्किल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी काम करते हुए देश को जरूरी एलपीजी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि नवी मुंबई में स्थित ये जगह भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है. इसे जेएनपीटी और न्हावा शेवा बंदरगाह के नाम से भी जाना जाता है. यहां कंटेनर और लिक्विड कार्गो का काम होता है. साथ ही यह देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भी अहम भूमिका निभाता है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है.


