मुंबई : दोगुने हुए बेटिकट यात्री, वेस्टर्न रेलवे सख्त, 3.76 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
Mumbai: Ticketless travel doubles, Western Railway cracks down, collects Rs 3.76 crore in fines
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ पश्चिम रेलवे ने सख्त अभियान चलाया है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच टिकट जांच अभियानों के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 10 लाख से अधिक मामलों का पता चला, जिनसे लगभग 50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी में अगर एसी लोकल की बात करें तो पश्चिम रेलवे की एसी लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच एसी लोकल में 1.16 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई और 3.76 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 99 प्रतिशत अधिक है।
मुंबई: मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ पश्चिम रेलवे ने सख्त अभियान चलाया है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच टिकट जांच अभियानों के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 10 लाख से अधिक मामलों का पता चला, जिनसे लगभग 50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी में अगर एसी लोकल की बात करें तो पश्चिम रेलवे की एसी लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच एसी लोकल में 1.16 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई और 3.76 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 99 प्रतिशत अधिक है।
फरवरी 2026 में ही 87 हजार मामले दर्ज
फरवरी 2026 के दौरान मुंबई उपनगरीय खंड में 87 हजार बिना टिकट या अनियमित यात्रा के मामले सामने आए। इन मामलों से 4.28 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना और यात्रियों में अनुशासित यात्रा को बढ़ावा देना है।
इन अभियानों का मकसद राजस्व हानि को रोकना और यात्रियों में अनुशासित और वैध यात्रा को प्रोत्साहित करना रहा है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 की अवधि में लगभग 30 लाख बिना टिकट और अनियमित यात्रियों का पता लगाया गया। इसमें बिना बुक किए गए सामान के मामले भी शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप 191 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई। जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 42% अधिक है। फरवरी 2026 के दौरान ही लगभग 3 लाख बिना टिकट यात्रा के मामलों का पता लगाकर 18.50 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई, जो पिछले साल की तुलना में 10% से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है।


