मुंबई : हाईकोर्ट की नई इमारत पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की प्रतिक्रिया
Mumbai: Former Chief Justice B.R. Gavai's reaction to the new High Court building
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भुषण रामकृष्ण गवई ने मुंबई हाईकोर्ट की नई इमारत के निर्माण से जुड़े कार्यक्रम को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने नई इमारत की आधारशिला और उद्घाटन को न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि किसी भी न्यायिक संस्थान के लिए आधुनिक और सक्षम बुनियादी ढांचा बेहद आवश्यक होता है।
मुंबई : भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भुषण रामकृष्ण गवई ने मुंबई हाईकोर्ट की नई इमारत के निर्माण से जुड़े कार्यक्रम को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने नई इमारत की आधारशिला और उद्घाटन को न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि किसी भी न्यायिक संस्थान के लिए आधुनिक और सक्षम बुनियादी ढांचा बेहद आवश्यक होता है। नई इमारत न केवल न्यायिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाएगी, बल्कि न्यायाधीशों, वकीलों और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इस पहल को न्याय वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने से जोड़ा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बढ़ते मामलों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को देखते हुए अदालतों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का होना समय की मांग है। नई इमारत से न्यायिक कामकाज में पारदर्शिता, तकनीकी उन्नयन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई हाईकोर्ट देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई होती है।
ऐसे में नई इमारत का निर्माण न्यायिक प्रणाली के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। नई इमारत से न्यायिक कार्यप्रणाली में गति आने और आम लोगों के लिए सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इसे न्यायपालिका के आधुनिकीकरण और संस्थागत मजबूती की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


