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Read More... मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने फहीम अंसारी की ऑटोरिक्शा चलाने की मंजूरी की अर्जी खारिज कर दी
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By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को फहीम अंसारी की उस पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसे 2008 के मुंबई हमलों में बरी कर दिया गया था। अंसारी ने रोजी-रोटी के लिए ऑटोरिक्शा चलाने के लिए ज़रूरी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मांगा था। जस्टिस ए.एस. गडकरी और रंजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने सर्टिफिकेट देने से मना करने के अधिकारियों के फैसले को सही ठहराया और कहा कि मना करना सही था। कोर्ट ने कहा कि डिटेल्ड ऑर्डर बाद में जारी किया जाएगा। नई दिल्ली : संपत्ति धोखाधड़ी मामले में सिर्फ खरीदारी ही मुकदमे के लिए काफी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के दशकों पुराने एक जाली वसीयत और संपत्ति धोखाधड़ी मामले में आरोपी एक खरीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि विवादित संपत्ति को किसी कीमती चीज के बदले में सिर्फ खरीद लेना, बिना किसी ठोस सबूत के जो दिखाए कि वह जालसाजी या साजिश में शामिल था, उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का आधार नहीं बन सकता। मुंबई : हाई कोर्ट ने बढ़ाया मुआवजा, समुद्री इंजीनियर के परिवार को 1.31 करोड़ देने का आदेश
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By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में दिवंगत मैरीटाइम इंजीनियर के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि को बढ़ा दिया है। अदालत ने यह फैसला इस आधार पर दिया कि समुद्री (मैरीटाइम) क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स की आय सामान्य भूमि-आधारित नौकरियों की तुलना में काफी अधिक होती है, क्योंकि उनका काम ऑफशोर परिस्थितियों में कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। यह मामला मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले से जुड़ा था, जिसमें मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल द्वारा आय का आकलन कम किए जाने को गलत माना और इसे संशोधित करते हुए मुआवजा बढ़ाने का आदेश दिया। मुंबई : कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर हाई कोर्ट सख्त, बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निगरानी के आदेश
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By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण और तेज बदबू को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि वह साइट से निकलने वाली मीथेन गैस और अन्य उत्सर्जनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे और इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह का प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। 
