ठाणे : कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के डर से बैंक कर्मचारी ने की आत्महत्या

Thane: Bank employee commits suicide fearing rabies after being bitten by a dog

ठाणे : कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के डर से बैंक कर्मचारी ने की आत्महत्या

ठाणे जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। 30 साल के एक बैंक कर्मचारी ने रेबीज के डर से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान अयाश विश्वनाथ अमीन के रूप में हुई है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने इस आत्मघाती कदम की वजह रेबीज का डर बताया है।पुलिस के मुताबिक, अयाश रविवार शाम को कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका इलाके स्थित अपने घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में पता चला कि अयाश कुछ दिनों से काफी तनाव में था। 

ठाणे :  ठाणे जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। 30 साल के एक बैंक कर्मचारी ने रेबीज के डर से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान अयाश विश्वनाथ अमीन के रूप में हुई है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने इस आत्मघाती कदम की वजह रेबीज का डर बताया है।पुलिस के मुताबिक, अयाश रविवार शाम को कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका इलाके स्थित अपने घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में पता चला कि अयाश कुछ दिनों से काफी तनाव में था। 

 

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले अयाश को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उसने एहतियात के तौर पर रेबीज रोधी टीका भी लगवाया था। हालांकि, सुसाइड नोट के अनुसार, टीका लगवाने के बाद भी उसे कुछ शारीरिक लक्षण महसूस हो रहे थे। वह उन लक्षणों को रेबीज से जुड़ा मान बैठा था। इसी डर और मानसिक तनाव के कारण वह बेहद घबरा गया था। सुसाइड नोट में लिखी पूरी घटनास्थल से मिले पत्र में अयाश ने लिखा कि उसे डर था कि कहीं उसे रेबीज न हो गया हो। इसी भय के चलते वह मानसिक रूप से टूट गया और गहरे सदमे में चला गया। आखिरकार उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि युवक गंभीर मानसिक तनाव में था। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि किसी बीमारी के डर से भी व्यक्ति मानसिक रूप से इतना कमजोर हो सकता है कि वह बड़ा कदम उठा ले। अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, डर या चिंता से जूझ रहा है, तो उसे तुरंत परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मदद लेने से बड़ी त्रासदी टाली जा सकती है।
 

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