मुंबई : मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग; मनोज जरांगे की भूख हड़ताल शुरू

Mumbai: Demand for 10 percent reservation for Maratha community; Manoj Jarange begins hunger strike

मुंबई : मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग; मनोज जरांगे की भूख हड़ताल शुरू

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू हो गई है। मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे, जहां मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे और उनके समर्थक एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं। सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मनोज जरांगे ने बुधवार को जालना जिले के अपने गांव से मार्च शुरू किया था। शुक्रवार को मुंबई में प्रवेश करते ही वाशी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनके हजारों समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं। 

मुंबई : मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू हो गई है। मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे, जहां मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे और उनके समर्थक एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं। सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मनोज जरांगे ने बुधवार को जालना जिले के अपने गांव से मार्च शुरू किया था। शुक्रवार को मुंबई में प्रवेश करते ही वाशी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनके हजारों समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं। 

 

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मराठाओं को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग
43 वर्षीय जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। जरांगे ने कहा है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और गणेश उत्सव में कोई बाधा नहीं डालेंगे। जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। कुनबी एक कृषक वर्ग से जुड़ी जाति है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है। जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का फायदा मिलेगा। 

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जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लगाने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और आपत्तिजनक नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया गया। मुंबई पुलिस ने जरांगे को 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच आजाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। पुलिस ने कहा कि शाम 6 बजे सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाना होगा। 

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मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस ने यह भी शर्त रखी है कि प्रदर्शनकारियों के केवल पांच वाहन ही आजाद मैदान जा सकते हैं और वहां प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। जरांगे के समर्थकों को ध्यान में रखते हुए रेलवे पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है।

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'हमें मराठा आरक्षण दो या देखते ही गोली मारने का आदेश दो'
मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन में भाग लेने के लिए आजाद मैदान पहुंचे नांदेड़ के एक किसान मारुति पाटिल ने कहा, 'अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हमें गोली मार दो।' अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी मारुति पाटिल के आक्रामक रुख को दोहराया और कहा कि वे तब तक नहीं जाएंगे जब तक आरक्षण आंदोलन की जीत नहीं हो जाती।

मराठा आरक्षण समर्थक मारुति पाटिल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा कि 'अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हम जीना नहीं चाहते। सरकार को देखते ही गोली मारने का आदेश दे देना चाहिए और हमें मार देना चाहिए। सरकार को अंदाजा नहीं है कि हमारी जिंदगी कितनी मुश्किल है।' पाटिल की तरह ही जरांगे के कई समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच गए और पेड़ों के नीचे, फुटपाथों पर और रेलवे और मेट्रो स्टेशन के अंदर शरण लिए हुए हैं। पाटिल ने कहा, 'यह शर्मनाक है कि सरकार ने आंदोलन में भाग लेने वालों की सुरक्षा के लिए कोई अस्थायी ढांचा बनाने की जहमत नहीं उठाई। सब कुछ गीला है, और जमीन कीचड़ से भरी है।'

'मुख्यमंत्री को हमारी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए'
बीड जिले के परली इलाके के मोहा गांव निवासी उद्धव निंबालकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इस रैली का नेतृत्व कोई प्रमुख नेता कर रहा होता, तो नगर निगम बड़े-बड़े पंडाल और शेड बनवा देता। निंबालकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को एक ही दिन में ओबीसी कोटे से मराठों को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कोई अंदाजा नहीं है कि यह आंदोलन कितना बड़ा हो जाएगा। निंबालकर ने कहा, 'उन्हें हमारी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। अगर वह हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए।'